आज शाम युवक की लाश के पास पड़ा उसका कपड़ा व आधार कार्ड मिला जिससे पहचान हुई, सूचना पाकर परिजनों ने घेरा थाना दर्ज हुई FIR..
बलिया, ब्यूरो। बलिया के सिकन्दरपुर स्थित भाटी गांव के सैकड़ों लोगों ने एक महीने चार दिन से गायब गांव के युवक का कपड़ा, आधार कार्ड और चप्पल खरीद-दरौली में नदी किनारे मिलने के बाद शनिवार की शाम थाने पर पहुंच हंगामा शुरू कर दिया। गांव के लोगों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही से युवक की जान चली गई। अगर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की होती तो युवक की जान बच सकती थी।
थाना क्षेत्र के भाटी गांव निवासी नवीन कुमार पुत्र राम रतन राम 30 जून की शाम गांव के ही बृजेश राय पुत्र स्व. अवधेश के साथ बाइक से सिकंदरपुर आया था। नवीन देर रात तक घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजन बृजेश राय के घर पहुंचे वहां भी पता चला कि बृजेश भी घर नहीं आया है।
दो दिनों तक परिजन नवीन की तलाश करते रहे। जब उसका पता नहीं चला तो तीन जुलाई को नवीन के पिता राम रतन राम ने सिकंदरपुर पुलिस को चार लोगों के विरुद्ध नामजद तहरीर दी।
आरोप लगाया था कि नवीन उनके साथ ठेकेदारी का काम करता था। पैसे को लेकर नवीन व उनमें कुछ बात थी। आशंका है कि वह उसका अपहरण कर उसके साथ अप्रिय घटना की गई है। तहरीर मिलने के बाद गुमशुदगी दर्ज कर ली गई।
परिजनों को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही पता लगा लिया जाएगा। परिजन रोज थाने का चक्कर लगाते रह गए, पुलिस पता नहीं लगा पाई। शनिवार को सिकंदरपुर में संपूर्ण समाधान दिवस लगा था। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के सामने नवीन के पिता अपने दामाद के साथ प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे।
थानाध्यक्ष ने कहा कि दो बजे तक का समय दीजिए हम पता कर लेंगे। इसी बीच, किसी ने यह सूचना परिजनों को दी कि एक युवक का कंकाल, कपड़ा, आधार कार्ड और चप्पल खरीद-दरौली नदी किनारे पड़ा है।
ग्रामीणों में था आक्रोश, परिजनों का बुरा हाल
पिता गांव के प्रधान विनोद कुमार वर्मा के साथ जब वहां पहुंचे तो नवीन का कपड़ा, आधार कार्ड और चप्पल पड़ा हुआ था। परिजन सामान लेकर सिकंदरपुर थाने पहुंचे। देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ थाने पहुंच गई। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
जैसे ही इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को मिली अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा, क्षेत्रधिकारी सिकंदरपुर आशीष कुमार मिश्र सहित आधा दर्जन थाने की फोर्स व फोरेंसिक टीम पहुंच गई। मामले की छानबीन शुरू की गई। खबर लिखे जाने तक थाने पर ग्रामीण डटे रहे और थानाध्यक्ष के निलंबन की कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
खरीद दरौली नदी किनारे नवीन का कपड़े, चप्पल, आधार कार्ड और कंकाल मिलने की सूचना जैसे ही नवीन की मां राजकुमारी, बहन रमिता व ममता को लगी उनका रो-रो कर बुरा हाल हो गया। नवीन घर का इकलौता चिराग था।
सैकड़ों की संख्या में महिलाएं थाने पहुंच गईं और हंगामा शुरू कर दिया। नवीन बहुत ही मिलनसार था। नवीन के पिता खेतीबाड़ी करके नवीन को इंजीनियरिंग कराई थी। वह परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। मकान का नक्शा व ठेकेदारी करके अच्छा पैसा कमाता था।