काशी महामृत्युंजय मंदिर की धनवंतरी कूप-जल बिक रहीं 600 रु.ली., मुफ्त की गंगा आरती के ले रहे 4200, ऑनलाइन लोगो को लगा रहे चूना...
वाराणसी ब्यूरो, प्रमुख। आजकल काशी के महामृत्युंजय मंदिर धनवंतरि कूप का जल ऑनलाइन 600 रुपये लीटर ठगी द्वारा बिक रहा है। साथ ही मुफ्त की गंगा आरती के नाम पर भी 2100 से 4200 रुपये तक लिए जा रहे हैं। कूप का जल बेचने वालों की ओर से जल पीने से कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, डायबिटीज और पेट की सभी बीमारियों को ठीक होने का दावा भी किया जा रहा है। पानी बेचने वालों ने अब तक 10 लाख लोगों तक इस जल को पहुंचाने का दावा किया है।
जब इसकी पड़ताल की गई तो पूरा मामला ही गोलमोल निकला। मंदिर के महंत से जब इसके बारे में बात हुई तो उनको भी इस बात की जानकारी नहीं थी और वह भी हैरान रह गए। "केसरी न्यूज नेटवर्क" की पड़ताल में सामने आया कि सोशल मीडिया पर शिवाया नाम से 2019 में एक पेज बनाया गया है। इस पर महामृत्युंजय मंदिर के फोटो और वीडियो डालकर धनवंतरि कूप के जल से असाध्य बीमारियों को ठीक होने की बात कही गई है। इसके साथ ही इसमें पता भी दारानगर का ही दिया गया है।
हालांकि जब इसके जल का ऑर्डर किया गया तो कुरियर की डिलीवरी पश्चिम बंगाल के 24 परगना से की जा रही है। छोटी बोतलों की कीमत तीन सौ रुपये और आधा लीटर वाली बोतल की कीमत चार सौ रुपये रखी गई है। यही नहीं वेबसाइट पर महामृत्युंजय मंदिर में जाप कराने की भी बुकिंग की जा रही है। इस मामले में जब महामृत्यंजय मंदिर के महंत कामेश्वर दीक्षित ने मीडिया से कहा कि धनवंतरिक कूप का जल पूरी तरह से निशुल्क है। यहां श्रद्धालु रोजाना मंदिर में आकर जल ग्रहण करते हैं। धनवंतरि कूप का जल बेचने के नाम पर कुछ लोग ठगी का प्रयास कर रहे हैं।
हर घंटे सौ लोगों द्वारा हो रही है पानी की ऑनलाइन बुकिंग
शिवाया वेबसाइट पर मोबाइल नंबर 7003066024 के जरिए धनवंतरि कूप के जल की बुकिंग हो रही है। दावा किया जा रहा है कि डेढ़ लाख से ज्यादा उपयोगकर्ता इसके सेवन से ठीक हो चुके हैं। हर घंटे सौ लोगों द्वारा पानी की बुकिंग की जा रही है।
बिहार, बंगाल, उड़ीसा और मध्यप्रदेश तक फैला है इनका जाल
धनवंतरि कूप का पानी बेचने का जाल यूपी ही नहीं बिहार, पश्चिम बंगाल, गुवाहाटी, उड़ीसा और मध्यप्रदेश के साथ ही दक्षिण भारत के कुछ राज्यों तक फैला है। आसाम के गोलपारा के रहने वाले नवोदीप को टांसिल की समस्या थी। उन्होंने 15 दिन पहले शिवाया की वेबसाइट से धनवंतरि कूप की तीन-तीन सौ रुपये की दो बोतल पानी का आर्डर किया था। उन्होंने बताया कि पानी पीने से कोई फायदा नहीं हो रहा है।
2100 से 4200 में हो रही गंगा आरती की बुकिंग
काशी में विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती दिखाने के नाम पर ऑनलाइन टिकट का फ्रॉड शुरू हो चुका है। घाटों और बोट से फ्री में देखी जाने वाली गंगा आरती के लिए देसी-विदेशी पर्यटकों से 2100 से 4200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। वीआईपी सीट और प्रसाद दिलाने के नाम पर पर्यटकों से ऑनलाइन फ्रॉड किया जा रहा है। पर्यटक वेबसाइट और ऐप से टिकट बुक करते हैं। मौके पर पहुंचते हैं तो एजेंट का फोन ही नहीं लगता या फिर उन्हें दशाश्वमेध घाट के आसपास कहीं जगह दे दी जाती है।
कभी-कभी मेन आरती के बजाय दूसरी किसी गंगा आरती में कहीं पर भी बिठा दिया जाता है। काशी अर्चनम नाम की वेबसाइट पर 2100 रुपये में आरती बुकिंग होती है। इसमें दो लोग आरती देख सकते हैं। दूसरी वेबसाइट विएटर है। यहां पर गंगा आरती का रेट 4100 और 4200 रुपये है। इसे वाराणसी इवनिंग गंगा आरती टूर का नाम दिया गया है। दशाश्वमेध घाट पर आरती कराने वाली संस्था गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने इसे फर्जी वेबसाइट बताया है। कहा कि जल्द ही इन फर्जी वेबसाइट वालो के खिलाफ़ मुकदमा भी कराएंगे।
800 कुर्सियां श्रद्धालुओं के लिए एकदम फ्री
सुशांत मिश्र ने कहा फर्जी बुकिंग वाले श्रद्धालु भटकते रहते हैं। यहां बैठने के लिए फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व वाला नियम है। घाट पर 800 कुर्सियां लगाईं जाती हैं। सभी फ्री में होती हैं। वहीं, लगभग 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु गंगा आरती में शामिल होते हैं। लेकिन, कुछ दिनों से फर्जी तरह से ऑनलाइन बुकिंग का काम चल रहा है। और शिकायतें भी खूब आ रहीं हैं।