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गजब का है लगन ! BHU के दीक्षांत में एक ही परिवार को मिले 7 गोल्ड मेडल, किसान परिवार के बेटे-बहू भी है शामिल...

गजब का है लगन ! BHU के दीक्षांत में एक ही परिवार को मिले 7 गोल्ड मेडल, किसान परिवार के बेटे-बहू भी है शामिल...

वाराणसी ब्यूरो, प्रमुख। देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थानों में नामित काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 14 दिसंबर को 104वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक स्थित अदमापुर गांव के रहने वाले किसान परिवार के 3 बेटे और बहू ने कमाल कर दिया। परिवार ने अपने लगन और मजबूत इरादे के बल पर BHU में अच्छे अंक प्राप्त करते हुए 7 गोल्ड मेडल लाकर परिवार और गांव का मान बढ़ाया है।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 14 दिसंबर को 104 वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। जिसमें 14072 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई. इसमें 544 ऐसे छात्र-छात्राएं शामिल थे जिनको संकाय सहित यूनिवर्सिटी में अच्छे अंक प्राप्त करने पर गोल्ड मेडल और पुरस्कार से भी नवाजा गया। इनमें वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र का एक ऐसा किसान परिवार है जिनके बेटों और बहू ने अकेले 7 गोल्ड मेडल लाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया है। 

वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक स्थित अदमापुर गांव के रहने वाले डॉ सुनील कुमार पटेल, पत्नी राजश्री ज्योति पटेल, भाई अनिल कुमार पटेल और सतीश कुमार पटेल ने बीएचयू में अच्छे अंक प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया है। सभी को मिलाकर कुल 7 मेडल प्राप्त हुए हैं।

एक ही परिवार में गोल्ड मेडल की बरसात 

मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार BHU के 104 वां दीक्षांत समारोह में फाइन आर्ट्स के छात्र डॉ. सुनील कुमार पटेल ने 3 गोल्ड मेडल हासिल किया। वहीं उनकी पत्नी राजश्री ज्योति पटेल ने भी संकाय और ऑल ओवर टॉप करते हुए 2 गोल्ड मेडल प्राप्त किए। इसके अलावा डॉ सुनील के छोटे भाई अनिल कुमार पटेल और सतीश कुमार पटेल ने मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स में 1-1 गोल्ड मेडल हासिल किया है।

विश्वविद्यालय के विश्वनाथ मंदिर पर लगाते थे पेंटिंग की दुकान 

गोल्ड मेडलिस्ट सतीश पटेल से मीडिया ने बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरा परिवार और गांव इस उपलब्धि के बाद काफी खुश है। निश्चित तौर पर यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि एक ही परिवार के लोगों ने BHU जैसी बड़ी शिक्षण संस्थान से 7 गोल्ड मेडल प्राप्त किए हैं। पिताजी किसान है और माताजी गृहणी है। पिताजी ने कठिन परिश्रम के साथ हम सभी को पढ़ाया है। इसके अलावा हम सभी लोगों द्वारा BHU से फाइन आर्ट्स की पढ़ाई की गई थी। इस दौरान हम अपने खर्च का निर्वहन करने के लिए परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर में अपने द्वारा बनाई गई पेंटिंग की दुकान लगाते थे। हम भविष्य में फाइन आर्ट्स क्षेत्र में ही कार्य करना चाहते हैं।