मुस्लिम युवती ने हिंदू को फंसाया, शादी की मरने की धमकी देकर, निकली तीन बच्चों की मां; हैरान कर देगा मामला, मुस्लिम धर्म अपनाने का दे रही..
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित लव जिहाद का अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें एक हिंदू युवक ने एक मुस्लिम युवती पर आरोप लगाया है कि वह उस पर धर्म बदलने का दबाव बना रही है। दूसरी ओर, युवती ने आरोप लगाया है कि युवक चार साल से उसके साथ रिलेशनशिप में है और अब किसी अन्य युवती से शादी करने वाला है, जो उसे स्वीकार नहीं है। दोनों थाने पहुंचकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दे चुके हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
भोपाल के रहने वाले शेखर सिलावट ने अशोका गार्डन पुलिस थाने में आवेदन दिया है कि नीलोफर नाम की युवती ने श्रेया बनकर उससे प्रेम संबंध बनाए और फिर शादी कर ली। अब वह धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही है। आवेदन के साथ युवक ने पुलिस को युवती के दो आधार कार्ड सौंपे, जिनमें एक में उसका नाम नीलोफर और दूसरे में श्रेया दर्ज है। युवक ने अपने आवेदन में लिखा कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। उसकी मुलाकात अपनी कॉलोनी में रहने वाली श्रेया से हुई, जिसके बाद दोस्ती हो गई। श्रेया ने बताया कि वह भी नौकरी करती है और किराए के मकान में अकेले रहती है। श्रेया ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने नाम से आईडी बनाई थी, जिसके जरिए दोनों की चैट होती थी।
युवक ने आरोप लगाया कि 2021-22 से श्रेया उस पर शादी का दबाव बनाने लगी। जब उसने कहा कि उसके परिजन शादी के लिए तैयार नहीं हैं, तो श्रेया ने धमकी दी कि यदि शादी नहीं की तो उसे बलात्कार के मामले में फंसा देगी। इसके अलावा, श्रेया उसे ब्लेड की तस्वीरें भेजती थी और कहती थी कि यदि उससे शादी नहीं की तो वह नस काटकर आत्महत्या कर लेगी और सुसाइड नोट में शेखर को जिम्मेदार ठहराएगी। इन्हीं धमकियों के चलते श्रेया ने दबाव बनाकर 6 मई को गायत्री मंदिर में जबरन शादी कर ली। बाद में शेखर को पता चला कि श्रेया का असली नाम नीलोफर है और वह पहले से शादीशुदा है, जिसके तीन बच्चे हैं। पूछने पर नीलोफर ने बताया कि उसका तलाक हो चुका है और बच्चे उसके पूर्व पति के पास हैं। युवक ने आरोप लगाया कि नीलोफर ने यह बात छिपाई और अब उस पर दबाव बना रही है कि वह हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाए और उसके तीन बच्चों को भी स्वीकार करे। इसके अलावा, 18 मई को नीलोफर ने कुछ लड़कों की मदद से उसका अपहरण करवाया और भानपुर ब्रिज के नीचे ले जाकर मारपीट की, साथ ही इस्लाम अपनाने और शादी का दबाव बनाया।
वहीं, इस मामले में युवती मंगलवार दोपहर थाने पहुंची और आरोप लगाया कि शेखर को उसके मुस्लिम होने की जानकारी पहले से थी। युवती ने अपने आवेदन में बताया कि उसकी शादी 2012 में मुस्लिम रीति-रिवाजों से हुई थी, जिससे उसके तीन बच्चे हैं। पति के साथ झगड़े और मारपीट के कारण वह 2020 में सुभाष नगर इलाके में किराए के मकान में अकेले रहने लगी। इसी मकान के नीचे शेखर रहता था, जिससे उसकी बातचीत शुरू हुई और दोनों रिलेशनशिप में आ गए।
युवती ने आरोप लगाया कि शेखर को उसके मुस्लिम होने और शादीशुदा होने की जानकारी थी, साथ ही उसे उसके तीन बच्चों के बारे में भी पता था. शेखर को इससे कोई आपत्ति नहीं थी। दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध बने। कई बार शेखर उसके कमरे में रहता था और वहीं से ऑफिस जाता था। अगस्त 2023 में जब वह गर्भवती हुई, तो शेखर ने उसे गर्भनिरोधक गोली दी, जिससे गर्भपात हो गया।
इसके बाद भी दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध बने। जब भी वह शादी की बात करती, शेखर कहता कि दोनों के धर्म अलग होने के कारण उसके परिजन शादी के लिए तैयार नहीं होंगे। इस साल अप्रैल में जब उसे मासिक धर्म नहीं हुआ, तो सोनोग्राफी से पता चला कि वह पांच सप्ताह की गर्भवती थी। युवती का आरोप है कि शेखर उसे अस्पताल ले गया और डॉक्टर को दिखाने के बाद घर पर गोली दी, जिससे उसका मासिक धर्म शुरू हो गया। आखिरकार 6 मई को दोनों ने गायत्री मंदिर में शादी कर ली, जिसके लिए युवती ने अपना धर्म बदलकर हिंदू नाम श्रेया रख लिया।
युवती का आरोप है कि शादी के दो दिन बाद 8 मई को शेखर ने दूसरी युवती से सगाई कर ली। जब उसने विरोध किया, तो शेखर ने कहा कि वह दोनों को साथ रखेगा। युवती का कहना है कि वह केवल शेखर के साथ रहना चाहती है। उसने यह भी आरोप लगाया कि शेखर अब उस पर झूठा केस लगाने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसे उसके मुस्लिम होने की जानकारी पहले से थी।
सोमवार को शेखर ने अशोका गार्डन थाने में युवती के खिलाफ आवेदन दिया था, जिसके बाद मंगलवार को युवती ने भी थाने में शेखर के खिलाफ आवेदन दिया। अशोका गार्डन के थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।