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"और भाग खड़े हुए पाक रेजंर्स; पाकिस्तान को धूल चटा रही थीं भारत की बेटियां, BSF ने जारी किया तबाही का नया VIDEO"...

"और भाग खड़े हुए पाक रेजंर्स; पाकिस्तान को धूल चटा रही थीं भारत की बेटियां, BSF ने जारी किया तबाही का नया VIDEO"...

श्रीनगर। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने न सिर्फ हवाई हमलों के जरिए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह किया, बल्कि जमीनी मोर्चे पर भी पाकिस्तान को बुरी तरह हराया। 10 मई को जब पाकिस्तान ने भारत की अग्रिम चौकियों पर ड्रोन हमले किए, तो सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देने में देर नहीं की। भारत ने पाकिस्तान की 42 सीमा चौकियों को तबाह कर दिया। मंगलवार को BSF ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका खुलासा किया।

बीएसएफ के आईजी शशांक आनंद ने बताया, पाकिस्तान की 42 अग्रिम चौकियों समेत कुल 70 ठिकानों को तबाह कर दिया गया। पाकिस्तान रेंजर्स और सेना के जवान अपनी चौकियों से भागते नजर आए। बीएसएफ की महिला जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। महिला जवानों के पास अग्रिम चौकी से पीछे हटने का विकल्प था, लेकिन वे वहीं रहीं और सीमा के बेहद करीब पाकिस्तान की चौकियों को उड़ा दिया।

तबाह किया माजपुर लॉन्चपैड

बीएसएफ आईजी ने बताया, 9 मई की शाम को आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की गई। इसमें बीएसएफ चौकियों और नागरिक इलाकों को निशाना बनाया जाने लगा। इसके बाद हमने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के माजपुर लॉन्च पैड को तबाह कर दिया। इसके बाद 10 मई की सुबह पाकिस्तान ने कम रेंज के ड्रोन से हमला किया और सीमा चौकियों को निशाना बनाया।इसमें बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज और कांस्टेबल दीपक चिंगखम और भारतीय सेना के जवान शहीद हो गए, लेकिन पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया गया। पाकिस्तान में चल रहे तीन लॉन्च पैड लूनी, मस्तपुर और चक पुरा को नष्ट कर दिया गया। इन ठिकानों से आतंकियों को जम्मू-कश्मीर भेजा जाता था।
बीएसएफ ने जारी किया वीडियो

सांबा इलाके में एक पोस्ट का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। बीएसएफ आईजी ने कहा, 1971 का युद्ध हो या 1999 का कारगिल युद्ध। ऑपरेशन पराक्रम में भी बीएसएफ ने अहम भूमिका निभाई है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ ने दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया था। इस दौरान बीएसएफ ने पाकिस्तानी चौकियों पर हमले का एक वीडियो भी जारी किया।आईजी ने कहा, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सभी को उम्मीद थी कि भारत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला करेगा और यह भी आशंका थी कि पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश करेगा। इसके लिए बीएसएफ पहले से ही अलर्ट पर थी। पुंछ, राजौरी में एलओसी और जम्मू-सांबा और कठुआ में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ पहले से ही अलर्ट पर थी।

पीछे लौट गए पाकिस्तानी रेंजर्स

आईजी ने कहा, 22 अप्रैल के बाद देखा गया कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आना बंद कर दिया था। वे काफी पीछे चले गए थे, लेकिन बीएसएफ की चौकसी पूरी तरह सख्त थी। पाकिस्तानी रेंजर्स वापस चले गए थे, लेकिन बीएसएफ के पुरुष और महिला जवान सीमा पर डटे रहे और जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, तो बीएसएफ के जवानों ने बहादुरी से पाकिस्तान का सामना किया। कई ऐसी चौकियां थीं जो सीमा पर बाड़ के पास हैं, वहां भी हमारे बहादुर जवानों ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों का बहादुरी से जवाब दिया। इस दौरान हमारी महिला जवान भी तैनात थीं।

डीआईजी आनंद ने कहा, 8 मई की रात को हमारे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपकरणों ने पाकिस्तान के सियालकोट इलाके में आतंकवादियों के एक समूह की गतिविधि को नोट किया। आशंका थी कि दुश्मन घुसपैठ की कोशिश कर सकता है। जब सांबा सेक्टर से पाकिस्तान की तरफ हमला किया गया, तो हमने पाकिस्तानी चौकियों को भारी नुकसान पहुंचाया और हमें इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ।
सियालकोट में नाकाम की बड़ी साजिश

डीआईजी ने कहा, 8 मई को हमें सूचना मिली थी कि सियालकोट लॉन्च पैड से आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं और उनकी संख्या 45 से 50 थी। उन्होंने भारतीय चौकियों को निशाना बनाने की भी कोशिश की लेकिन उनकी कोई भी योजना सफल नहीं हुई। 9 मई को पाकिस्तान ने सांबा सेक्टर की बजाय जम्मू और अखनूर से घुसपैठ की कोशिश की और क्रॉस बॉर्डर फायरिंग की गई। इस दौरान पाकिस्तान के लूनी लॉन्च पैड को तबाह कर दिया गया।

डीआईजी सुंदरबनी ने कहा, हमें सूचना मिली थी कि पाकिस्तान के लूनी इलाके में एक आतंकी लॉन्च पैड चल रहा है, जिसमें 15 से 20 आतंकी मौजूद हैं। और जैसे ही पाकिस्तान ने अखनूर और सुंदरबनी सेक्टर में गोलाबारी शुरू की, हमने लूनी लॉन्च पैड की पहचान कर उसे तबाह कर दिया।