सिंधु नदी जल समझौते पर PM मोदी ने PAK को घेरा, बोले-अभी तो मैंने कुछ किया ही नहीं, पड़ोसी देश के पसीने छूटने लगे...
Narendra Modi Gandhinagar Rally: अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर पाकिस्तान पर बड़ा हमला बोला। गांधीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सिंधु नदी जल समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि अभी तो उन्होंने कुछ किया नहीं है। इसे केवल स्थगित किया है फिर भी पड़ोसी देश के पसीने छूटने लगे हैं। पीएम ने पूछा कि भारत के हिस्से वाले जल पर क्या यहां के लोगों का हक नहीं है? पीएम ने कहा कि आतंकी गतिविधि प्रॉक्सी वार नहीं है।
हम किसी से दुश्मनी नहीं चाहते-पीएम
पीएम ने कहा कि 'हम किसी से दुश्मनी नहीं चाहते हैं। हम सुख-चैन की जिंदगी जीना चाहते हैं। प्रगति भी इसलिए करना चाहते हैं ताकि विश्व की भलाई में हम भी कुछ योगदान कर सकें। इसलिए हम एकनिष्ठ भाव से करोड़ों भारतीयों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं।' पीएम ने कहा कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। हमने जापान को पीछे छोड़ा है। इसकी खुशी तो है लेकिन तीसरे नंबर पर पहुंचने का दबाव भी है। लेकिन लोग कहते हैं कि 'मोदी है तो मुमकिन है।'
'क्या भारतवासियों का पानी पर अधिकार नहीं है?'
पीएम ने कहा कि 'मैं नई पीढ़ी को कहना चाहता हूं कि देश को कैसे बर्बाद किया गया है। 1960 में जो सिंध नदी जल समझौता हुआ, उसकी बारीकी में यदि जाएं तो आप चौंक जाएंगे। यहां तक तय हुआ है कि जम्मू-कश्मीर की अन्य नदियों पर जो बांध बने हैं, उन बांधों की सफाई का काम नहीं किया जाएगा। डी-सिल्टिंग नहीं किया जाएगा। नीचे की तरफ जो गेट हैं वे नहीं खोले जाएंगे। साठ साल तक ये गेट नहीं खोले गए और जिसमें शत प्रतिशत पानी भरना चाहिए था, धीरे-धीरे उसकी क्षमता कम होकर दो से तीन प्रतिशत रह गया। क्या मेरे देशवासियों को पानी पर अधिकार नहीं है क्या? अभी मैंने ज्यादा किया नहीं है। अभी तो हमने इसे स्थगित किया है, वहां पसीना छूट रहा है। हमने बांध थोड़े खोलकर सफाई शुरू की है। बांध से कूड़ा-कचरा निकाल रहे हैं। इतने भर से वहां बाढ़ आ जाती है। '
आतंकियों को पाक में मिला राष्ट्रीय सम्मान-पीएम
पीएम ने आगे कहा कि आतंकवादी हमले को प्रॉक्सी वार नहीं कह सकते क्योंकि आतंक वादियों के जो जनाजे निकले। छह मई के बाद जिनका कत्ल हुआ, उनके जनाजे को पाकिस्तान में राष्ट्रीय सम्मान दिया गया। उनके ताबूत पर पाकिस्तान के झंडे लगाए गए। उनकी सेना ने सलामी दी। जो यह सिद्ध करता है कि आतंकवादी गतिविधि प्रॉक्सी वार नहीं है। यह आपकी सोची-समझी गई युद्ध की एक रणनीति है। इसका जवाब भी वैसे ही मिलेगा। हम अपने काम में लगे थे। प्रगति के रास्ते पर चल रहे थे। हम सबका भला चाहते हैं और मुसीबत में मदद भी करते हैं।