UP News: यूपी के इस जिले में लगाई जाएगी नई चीनी मिल, मूंगफली व मूंग की होगी सरकारी खरीद...
यूपी :: बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज स्थित ऑडिटोरियम में सोमवार को बरेली व मुरादाबाद मंडल की संयुक्त खरीफ उत्पादकता गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गन्ना मूल्य का 85 फीसदी भुगतान हो गया है।बरेली में नई चीनी मिल की स्थापना का प्रयास जारी है। विभिन्न फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। इस बार मूंगफली और मूंग की सरकारी खरीद की जाएगी।
गोष्ठी में विभिन्न विभागों की ओर से किसानों को योजनाओं आदि की जानकारी देने के लिए स्टॉल भी लगाए गए थे। मुख्य अतिथि ने प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र कुमार के साथ उनका निरीक्षण किया। कृषि मंत्री ने कहा कि दलहन, तिलहन, गन्ना सहित अन्य फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। पहले प्रति हेक्टेयर 600 क्विंटल से भी कम गन्ना होता था, जो अब 828 क्विंटल के करीब है। प्रदेश में 121 चीनी मिलें चल रही हैं। 10 को पुनर्जीवित किया गया है।
कहा कि इस साल 25 मई तक 34,892 करोड़ रुपये के गन्ने की खरीद हुई है। इसमें से 29,903 करोड़ रुपये यानी 85 प्रतिशत भुगतान भी हो गया है। बरेली मंडल में धान का रकबा कम हुआ है। सरसों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी किसानों को संबोधित किया। इस मौके पर बरेली की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम अविनाश सिंह, मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
भोजन पैकेट के लिए रही मारामारी
गोष्ठी में अव्यवस्थाएं सिर चढ़कर बोलीं। इसके कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। अपराह्न तीन बजे कृषि मंत्री का भाषण समाप्त होते ही ऑडिटोरियम हॉल से किसान बाहर निकलने लगे। गेट पर किसानों के लिए भोजन पैकेट वितरण की व्यवस्था थी। भीड़ बढ़ी वहां छीना-झपटी होने लगी थी। महिला किसान तो वहां तक पहुंचने की हिम्मत ही नहीं जुटा सकीं। टैंकर के गर्म पानी ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी।
कई किसान भोजन के पैकेट साथ लेकर चले गए। बिजनौर से आए किसान राकेश सिंह ने कहा कि दोपहर 12 बजे से हॉल में बैठे-बैठे परेशान हो गए। वहां पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। राकेश ने कहा, छीना-झपटी के बाद भोजन पैकेट मिला है। यहां पानी की सुविधा नहीं है तो उसे कहीं बाहर खाएंगे। उर्मिला ने कहा, इतनी भीड़ को पार कर भोजन पैकेट लेना उनके बस की बात नहीं है। पीलीभीत के कृष्ण कुमार भोजन पैकेट लिए बिना ही चले गए।
संयुक्त निदेशक कृषि राजेश कुमार ने बताया कि किसानों के लिए 40 टैंकर पानी मंगाया था। भोजन के 900 पैकेट बनवाए थे। कोशिश यही थी कि सभी को खाना मिल जाए। किसी को दिक्कत न हो।