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CYBER SAFE: असली और नकली वेबसाइट में ऐसे समझें अंतर, वरना आपके साथ हो सकता है फ्रॉड, खबर अवश्य पढ़ें...

CYBER SAFE: असली और नकली वेबसाइट में ऐसे समझें अंतर, वरना आपके साथ हो सकता है फ्रॉड, खबर अवश्य पढ़ें...

लखनऊ राज्य ब्यूरो। साइबर ठगी के मामले हर दिन तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कभी डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को साथ धोखाधड़ी की जाती है। तो कभी नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगा जाता है। हर दिन साइबर अपराधी ठगी करने के नए-नए तरीके निकाल रहे हैं। 

आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताने जा रहे हैं कि किस तरह से नकली वेबसाइट बनाकर साइबर अपराधी लोगों के साथ ठगी करते हैं और आप किस तरह से असली और नकली वेबसाइट के अंतर को पहचान सकते हैं।

क्या होता है फेक वेबसाइट फ्रॉड? 

तो चलिए सबसे पहले जानतें है कि आखिर फेक वेबसाइट क्या होता है और कैसे इसके जरिए साइबर अपराधी लोगों के साथ ठगी करते हैं।

क्या होता है तरीका? 

साइबर ठगी करने वाले हर बार नए-नए तरीकें अपनाते हैं। ताकि, वो लोगों को उन पर भरोसा दिला सके और ठगी कर सकें। कभी वो लुभावने ऑफर्स के जरिए लोगों को नकली वेबसाइट पर लाते हैं। तो कभी शॉर्ट यूआरएल के जरिए ठगी करते हैं।

घटित घटनाएं

1: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और मऊ सहित आसपास के जिलों में स्टार लिंक कंपनी के नाम पर बनाई गई फर्जी (फिशिंग) वेबसाइट के माध्यम से 500 से अधिक लोगों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी की गई। नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में इस मामले के बारे में पढ़ा जा सकता है।

2: स्कैमर्स ने 'ई-औषधि एमपी पोर्टल' के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर 2,972 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया। इसके जरिए 15,000 से अधिक युवाओं से 500-500 रुपए की रजिस्ट्रेशन फीस वसूलकर करीब 75 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई। भास्कर ने इस मामले को कवर किया था। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।

ऐसे बचें!

तो चलिए अब जानते हैं कि नकली वेबसाइट के जरिए होने वाले फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है। इससे बचने के लिए क्या क्या करना चाहिए।

ऐसे करें असली वेबसाइट की पहचान

असली और नकली वेबसाइट की पहचान करना बेहद जरूरी है। क्योंकि हैकर्स नकली वेबसाइट को हूबहू असली जैसा बनाने की कोशिश करते हैं। ताकि यूजर उसे पहचान न पाये और ठगी का शिकार हो जाए।

फर्जी वेबसाइट की गूगल पर करें शिकायत

गूगल के अनुसार, किसी वेबसाइट को या उसके कंटेंट की शिकायत गूगल पर जाकर की जा सकती है। जो भी वेबसाइट गूगल की सेवा की शर्तों या नीतियों का उल्लंघन करती है, उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके अलावा गूगल को सीधे फीडबैक भी भेज सकते हैं।

कहां करें शिकायत

तो चलिए अब जानते हैं कि अगर आप कभी इस तरह की ठगी का शिकार हो गए और इसकी शिकायत करना चाहते हैं। तो आपको इसके लिए क्या करना होगा और आप इसकी कहां पर शिकायत कर सकते हैं।