PM मोदी के आइडिया से इंस्पायर होकर फिल्म सेट पर सलमान ने किया ऐसा बदलाव,जिसे जान कर लोग तारीफ करते नहीं थकेंगे...
Salman Khan Ends VIP Culture: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपनी फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' के सेट पर खाने को लेकर एक अनोखी पहल की है। अब उनकी फिल्मों के सेट पर चाहे स्टार हों, टेक्नीशियन हों या यूनिट के वर्कर्स-हर किसी को एक जैसा भोजन परोसा जाता है। लंबे समय से मौजूद भोजन से जुड़ी असमानता को खत्म करने का यह कदम फिल्म इंडस्ट्री में मिसाल बन रहा है।
'बीइंग हैंग्री' मोबाइल किचन की शुरुआत
सलमान ने इस बदलाव को संभव बनाने के लिए अपने मोबाइल किचन 'बीइंग हैंग्री' को लॉन्च किया है। यह किचन पूरी तरह मुफ्त है और किसी भी व्यक्ति से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। इससे पहले महामारी के दौरान सलमान ने इसी नाम से फूड ट्रक सेवा शुरू की थी, जिसके माध्यम से उन्होंने पूरे देश में फ्रंटलाइन वर्कर्स तक राशन और भोजन पहुँचाया था।
फूड ट्रक बने चलते-फिरते किचन
पांच साल बाद इन फूड ट्रकों को अपग्रेड कर मोबाइल किचन में तब्दील किया गया है। मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार, सलमान ने दो वैन को पूरी तरह कस्टमाइज करवाया है, जिनका उपयोग अब उनकी फिल्मों के सेट पर किया जाता है। ये वैन सिर्फ गर्म भोजन ही नहीं, बल्कि कोल्ड स्टोरेज की भी सुविधा लिए हुए हैं, जिससे बड़ी मात्रा में सामग्री सुरक्षित रखी जा सके।
भेदभाव खत्म करने का सलमान का संकल्प
फिल्म सेट्स पर आमतौर पर तीन तरह का खाना तैयार होता है-एक सितारों के लिए, दूसरा टेक्नीशियन और हेड ऑफ डिपार्टमेंट के लिए, और तीसरा बाकी यूनिट के वर्कर्स के लिए। सलमान को यह अंतर हमेशा अखरता था। यही वजह है कि उन्होंने 'सिकंदर' की शूटिंग के दौरान नया नियम लागू किया और इसे अब 'बैटल ऑफ गलवान' के सेट पर भी आगे बढ़ाया है। एक तरह से सलमान ने फिल्म सेट पर VIP कल्चर खत्म किया है। ठीक वैसा ही, जैसा PM मोदी ने लाल बत्ती वाली गाड़ी बंद कर किया था।
500 लोगों के लिए भोजन की क्षमता
इन मोबाइल किचनों में दो कुक एक शिफ्ट में काम करते हैं और दाल-चावल, मौसमी सब्जियाँ, फिश करी, सैंडविच, आलू-मटर, मेथी की सब्जी से लेकर मटन बिरयानी तक का मेन्यू तैयार होता है। एक बार में करीब 500 लोगों के लिए भोजन बनाया जा सकता है, जिससे पूरी यूनिट को पौष्टिक और ताज़ा खाना मिलता है। सलमान खान न केवल अपनी फिल्मों में बल्कि 'बिग बॉस' के सेट पर भी इन वैन का उपयोग कर रहे हैं, ताकि सभी सदस्यों को बराबरी और सम्मान के साथ स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध हो सके।