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13 साल के छात्र की नहाते समय मौत, हार्ट फेल होने की आशंका, परिजन ने किया अंतिम संस्कार पुलिस को भी नहीं बताया...

13 साल के छात्र की नहाते समय मौत, हार्ट फेल होने की आशंका, परिजन ने किया अंतिम संस्कार पुलिस को भी नहीं बताया...

शामली। कक्षा आठ में पढ़ने वाले किशोर की नहाते समय मौत हो गई। बाथरूम का दरवाजा तोड़कर स्वजन उसे चिकित्सक के पास ले गए, जहां मौत की पुष्टि कर दी गई। स्वजन ने बताया कि गीजर बंद था और बच्चे को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। हार्ट फेल से मौत की आशंका जताई जा रही है। बिना पोस्टमार्टम कराए ही स्वजन ने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।

सदर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला अटल पार्क निवासी राहुल वर्मा व्यापारी हैं। उनका साढ़े 13 साल का बेटा सार्थक वर्मा स्काटिश इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा आठ का छात्र था। राहुल ने बताया कि रविवार सुबह बेटा बाथरूम में नहाने के लिए गया था।

करीब 10 मिनट बाद उसकी बड़ी बहन ने दरवाजा खटखटाया और जल्दी बाहर आने के लिए कहा, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस पर उसने स्वजन को जानकारी दी। उन्होंने भी सार्थक को आवाज दी, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। अनहोनी की आशंका के चलते स्वजन ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर सार्थक बेसुध पड़ा था।

स्वजन उसे पहले निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां सार्थक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वह आयुष्मान हास्पिटल लेकर पहुंचे, यहां भी बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिवार के लोग घर आ गए और बिना पोस्टमार्टम कराए किशोर का अंतिम संस्कार कर दिया।

राहुल ने बताया कि बाथरूम में गीजर लगा है, लेकिन जब बेटा नहाने गया था, तब वह बंद था। पहले से ही गर्म पानी की बाल्टी भरी हुई थी, इसलिए गीजर नहीं चलाया। ऐसे में गैस से दम घुटने से मौत नहीं हो सकती। उन्होंने आशंका जताई कि अचानक से हार्ट फेल हो गया हो, जिसकी वजह से बेटे की मौत हो गई।

कई बार नजरअंदाज कर देते हैं लक्षण: डा. पंकज गर्ग

वरिष्ठ फिजिशियन डा. पंकज गर्ग ने बताया कि कई बार गीजर चलाते समय अन्य टोंटी खोल लेते हैं, जिससे गीजर बंद हो जाता है, लेकिन गैस चलती रहती है। यही गैस सांस के जरिये अंदर चली जाती है, जिससे मौत हो जाती है।

यहां पर गीजर बंद था, तो हो सकता है कि हार्ट फेल हुआ हो। हालांकि इससे पहले कुछ लक्षण जरूर महसूस होते हैं। जैसे घबराहट, चक्कर आना, सांस फूलना, सीने में दर्द आदि। बच्चे इस पर ध्यान नहीं देते और बात हाथ से निकल जाती है। सही जानकारी तो पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आती, लेकिन परिवार ने कराया नहीं।