श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने को आसान बनाने के लिए दालमंडी में शुरू हुआ अभियान, तोड़े जा रहे है घर...
वाराणसी, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंच को आसान बनाने के लिए दालमंडी प्रोजेक्ट पर एक बार फिर काम शुरू कर दिया गया है। दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के तहत अधिग्रहित भवनों को ध्वस्त करने का अभियान बुधवार दोपहर एक बार फिर शुरू कर दिया गया।
जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ नारियल बाजार तिराहे की ओर से अभियान में जुटी। लंबे समय से रुकी कार्रवाई के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र में हलचल का माहौल रहा। पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे अभियान की निगरानी ड्रोन कैमरे से कर रही है।
दालमंडी ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान एक तिमंजिला भवन के ऊपरी हिस्से को तोड़ने का कार्य शुरू किया गया, जो देर शाम तक चलता रहा। ध्वस्तीकरण के लिए दर्जनों मजदूर लगाए गए थे, जिन्होंने हथौड़ा, ड्रिल मशीन और रम्मा की मदद से भवन को तोड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई। ट्रैफिक को इस मार्ग पर पूरी तरह से रोक दिया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पूरे अभियान की निगरानी ड्रोन कैमरे से की गई।
प्रशासन ने कराई मुनादी
वाराणसी प्रशासन ने इससे पहले बुधवार सुबह अधिग्रहित भवनों के स्वामियों और दुकानदारों को चेतावनी जारी कर भवन खाली करने के निर्देश दिए थे। अभियान को लेकर मुनादी कराई गई। ध्वस्तीकरण की जद में भवन संख्या सीके 39/5, सीके 43/113 और सीके 50/207 (सत्तार कटरा) शामिल हैं।
हालांकि, सत्तार मार्केट (सीके 50/207) को भवन स्वामी शाहिद की ओर से स्वयं तुड़वाया जा रहा है। इस मार्केट का ऊपरी हिस्सा पिछले माह ही ध्वस्त किया जा चुका है। दोपहर में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने भवन संख्या सीके 43/113 के ऊपरी हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।
देर शाम तक मजदूर लगातार भवन को ध्वस्त करने में जुटे रहे। बताया गया कि भवन स्वामी मोहम्मद फारुख द्वारा पहले ही भवन की रजिस्ट्री कर दी गई थी और उन्हें शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा भी प्रदान किया जा चुका है। इस भवन में कुल पांच दुकानें संचालित थीं।
क्या है दालमंडी परियोजना?
दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक के रास्ते को चौड़ा करने की योजना है। इस परियोजना के तहत करीब 650 मीटर लंबे मार्ग को लगभग 221 करोड़ रुपये की लागत से 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के दायरे में कुल 184 भवन आ रहे हैं, जिनमें से अब तक 19 से अधिक भवनों का अधिग्रहण (रजिस्ट्री) हो चुका है। चार से अधिक भवनों का ध्वस्तीकरण पहले ही किया जा चुका है।
एसआईआर के कारण रुकी थी कार्रवाई
यूपी में चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान के कारण दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोक दी गई थी। अब प्रशासन ने फिर से अभियान की शुरुआत कर दी है। कार्रवाई के दौरान एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।