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दिवंगत अजित पवार को उनके बेटे पार्थ पवार व  जय पवार ने दी मुखाग्नि, पंचतत्व में विलीन हुआ "दादा" का पार्थिव शव, नम आंखों से लोगों ने...

दिवंगत अजित पवार को उनके बेटे पार्थ पवार व जय पवार ने दी मुखाग्नि, पंचतत्व में विलीन हुआ "दादा" का पार्थिव शव, नम आंखों से लोगों ने...

Ajit Pawar Plane Crash : महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। अजित पवार के दोनों बेटों पार्थ एवं जय पवार ने उन्हें मुखाग्नि दी। 

अंतिम संस्कार के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे समेत कई पार्टियों के गणमान्य लोग मौजूद थे। इस दौरान वहां भारी संख्या में मौजूद एनसीपी के कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों ने अपने नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। 

बता दें कि बुधवार को हुए विमान हादसे में अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई। अजित पवार के विमान ने मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरी थी।

विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में सुबह से ही बड़ी संख्या में एनसीपी के नेता एवं कार्यकर्ता जुटने लगे। अजित पवार का पार्थिव शरीर जब पहुंचा तो उसके पहले ही ग्राउंड लोगों से भर चुका था। सबकी आंखें नम थीं और लोग अपने नेता को अश्रुपूरित विदाई दे रहे थे। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गोवा के सीएम प्रमोद सावंत भी वहीं पहुंचे थे।

काफी अनुभव वाले थे कैप्टन सुमित कपूर

नागर विमानन मंत्रालय के अधीन कार्यरत एएआईबी ने पहले ही दुर्घटना की जांच अपने हाथ में ले ली है। सीआईडी के एक अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि किसी दुर्घटना में किसी प्रभावशाली जनप्रतिनिधि या हस्ती की मृत्यु होने पर जांच सीआईडी द्वारा ही की जाती है। दुर्घटना में जान गंवाने वालों में कैप्टन सुमित कपूर भी शामिल हैं, जिनके पास 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था। 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव रखने वाली सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी इस हादसे में मौत हो गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विमान में आग लग गई

सरकार ने आज बृहस्पतिवार को जारी बयान में बताया कि बुधवार सुबह खराब दृश्यता के कारण हवा में एक चक्कर लगाने के बाद 'लियरजेट' विमान को उतरने की अनुमति दे दी थी। हालांकि, अनुमति मिलने के बाद भी विमान ने हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) को कोई 'रीड-बैक' या प्रतिक्रिया नहीं दी और वह कुछ ही पल बाद रनवे के किनारे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया तथा उसमें आग लग गई।