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यूपी में मतदाता पुनरीक्षण..बदल गया कानून अब बिना इसके नहीं बनेगा वोटर कार्ड, देना होगा ये प्रमाण !!...

यूपी में मतदाता पुनरीक्षण..बदल गया कानून अब बिना इसके नहीं बनेगा वोटर कार्ड, देना होगा ये प्रमाण !!...

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अन्तर्गत नागरिकों द्वारा भरे जाने वाले फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से भरा जायेगा।फार्म-6 में आवेदक का नाम व सही पता शुद्ध वर्तनी में, नवीनतम स्पष्ट फोटो एवं वर्तमान मोबाइल नम्बर अंकित किया जाना आवश्यक है।

आयु के प्रमाण के लिए सक्षम स्तर द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट का प्रमाण-पत्र जिसमें जन्म तिथि का उल्लेख हो, भारतीय पासपोर्ट, जन्म तारीख के सबूत के लिए कोई अन्य दस्तावेज देना हाेगा। इसी प्रकार निवास के प्रमाण

उस पते पर पानी/बिजली/गैस कनेक्शन बिल (कम से कम एक वर्ष का), आधार कार्ड, राष्ट्रीय/अनुसूचित बैंक/डाकघर की वर्तमान पास बुक, भारतीय पासपोर्ट, राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व अभिलेख, रजिस्ट्रीकृत किराया पट्टा विलेख , रजिस्ट्रीकृत विक्रय विलेख दिया जा सकता है।

उन्हाेंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अन्तर्गत जमा किये जाने वाले फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र दिया जाना भी अनिवार्य हैं। घोषणा पत्र में आवेदक को वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची में से स्वयं का अथवा अपने माता/पिता अथवा दादा/दादी या नाना/नानी में से किसी एक का विवरण, विधान सभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या तथा क्रम संख्या के साथ भरकर प्रस्तुत करना होगा। सही मैपिंग की दशा में आवेदक को कोई नोटिस निर्गत नहीं होगा। 

घोषणा पत्र में दिया गया विगत विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली-2003 का विवरण यदि उपलब्ध नहीं है अथवा डेटा बेस से मेल नहीं खाता है तो आवेदक को नोटिस निर्गत किया जायेगा। नोटिस के जवाब में आवेदक को जन्म तिथि /अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में केंद्र या राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/ पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश, 01 जुलाई 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी /सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा भारत में जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र /अभिलेख, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी हो), राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर, सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र समेत 13 में से कोई एक अभिलेख उपलब्ध कराना होगा।

आयाेग के अनुसार यदि आवेदक का जन्म 01 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ है तो 13 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख जन्म तिथि/जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराना होगा। इसी प्रकार यदि आवेदक का जन्म 01 जुलाई 1987 और 02 दिसंबर 2004 के बीच भारत में हुआ है तो वांछित अभिलेखाें में से कोई एक अभिलेख जन्म तिथि/जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही साथ उक्त सूची में से पिता या माता की जन्मतिथि/जन्म स्थान के प्रमाण का अभिलेख भी उपलब्ध कराना होगा। 

यदि आवेदक का जन्म 02 दिसंबर 2004 के बाद भारत में हुआ है तो कोई एक अभिलेख स्वयं की जन्मतिथि/जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही पिता एवं माता, दोनों के जन्मतिथि/जन्म स्थान के प्रमाण के अभिलेखों को उपलब्ध कराना होगा। कोई भी पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voter.eci.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन फार्म-6 (मय घोषणा पत्र) भरकर आवेदन कर सकते हैं।