तुमको क्या चाहिए? बच्चे ने सीएम के कान में दिया जवाब, सुनते ही हंस पड़े योगी और सुरक्षा कर्मी, जानिए बच्चे ने क्या कहा?...
यूपी :: मकर संक्रांति के पर्व पर गोरखपुर पहुंचे गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि विधान से खिचड़ी चढ़ाई। इस दौरान सीएम योगी ने शिवावतार महायोगी से लोकमंगल तथा सभी नागरिकों के सुखमय-समृद्धमय जीवन की प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर में सीएम योगी की नजर एक बच्चे पर पड़ी तो वह खुद को दुलार करने से रोक नहीं पाए।
सीएम योगी बच्चे के पास पहुंचे और पूछा तुमको क्या चाहिए। पहले तो बच्चा सोचता रहा, फिर उसने सीएम योगी के कान में जवाब दिया। बच्चे का जवाब सुनकर वहां मौजूद ही नहीं बल्कि सीएम योगी भी ठहाके लगाकर हंस पड़े। दरअसल बच्चे ने सीएम योगी के कान में चिप्स दिलाने के लिए बोला था। सीएम योगी ने बच्चे की फरमाईश भी पूरी की। सीएम योगी ने तुरंत चिप्स मंगवाया और बच्चे को दिया। चिप्स पाते ही बच्चे के चेहरे पर खुशी छा गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सीएम योगी ने मकर संक्राति की दी बधाई
महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान सीएम योगी ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पवत्रि धर्मस्थलों पर जाकर आस्था को नमन कर रहे हैं। गोरखपुर में बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने महायोगी भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई। उन्होंने कहा कि इस पव पर लाखों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के संगम में आस्था की पवित्र डुबकी भी लगाई। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला लगातार आज गुरुवार को भी जारी है।
सीएम योगी ने कहा कि आज गुरुवार को गोरखपुर में भगवान गोरखनाथ जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन पंक्ति में लगकर श्रद्धापूर्वक खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी प्रातः 4 बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा संपन्न होने के उपरांत भगवान गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है। गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन आए हुए हैं।
त्योहारों की परंपरा महत्वपूर्ण पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति भारत के पर्व और त्योहारों की परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। वास्तव में सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं। जगतपिता सूर्य की उपासना का यह पर्व, हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्ति तिथि माना जाता है।
आज के बाद सनातन धर्म की परंपरा में सभी मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सूर्य का जो अयन वृत्त है। ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार वह 12 विभिन्न भागों में विभाजित है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्यदेव के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है और जब धनु राशि से मकर राशि में भगवान सूर्य का संक्रमण होता है तो यह मकर संक्रांति कहलाता है।
मकर राशि से अगले छह माह तक यानी मिथुन राशि तक सूर्य भगवान उत्तरायण रहेंगे। उत्तरायण का जो समय होता है, उसमें दिन बड़े और रात्रि छोटी होती है। जीवंतता के लिए सूर्य का प्रकाश कितना महत्वपूर्ण है और भारत की ऋषि परंपरा ने इसे कितना महत्व दिया है, इसका अनुमान इस पर्व के माध्यम से लगाया जा सकता है।
दूसरे प्रदेशों में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है मकर संक्रांति
सीएम योगी बोले, मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जो देश के अंदर पूरब, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण, सभी हिस्सों में अलग-अलग नाम व रूप में आयोजित होता है। पूरब में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में मकर संक्रांति का आयोजन बड़ी श्रद्धाभाव के साथ किया जाता है।
मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग धर्मस्थलों पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि एक तरफ गोरखपुर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं।
वहीं, प्रयागराज में लाखों की संख्या में श्रद्धालु, कल्पवासी, पूज्य संतजन न केवल अपनी साधना में रत हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में स्थिति भगवान वेणीमाधव, भगवान प्रयागराज और मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती के सानध्यि में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।