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धीरेंद्र शास्त्री की कथा में पहुंची मुस्लिम महिला, दो बच्चों संग अपनाया सनातन धर्म, बोली- काली मां की कृपा से मेरा बेटा हुआ...

धीरेंद्र शास्त्री की कथा में पहुंची मुस्लिम महिला, दो बच्चों संग अपनाया सनातन धर्म, बोली- काली मां की कृपा से मेरा बेटा हुआ...

राज्य ब्यूरो, मिलन केसरी की रिपोर्ट। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव में चल रही बागेश्वर महाराज की श्रीराममय हनुमान चालीसा कथा में एक भावुक और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। कथा के चौथे दिन कथा विराम आरती से पूर्व गोंदिया नगर की निवासी एक मुस्लिम महिला ने अपने दोनों बच्चों के साथ स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया।

बागेश्वर महाराज यानी पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महिला और उसके दोनों बच्चों को मंच पर आमंत्रित किया। फिर उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया मंच पर आने से पूर्व प्रशासनिक नियमों के तहत नोटरी शपथ पत्र के माध्यम से पूरी तरह वैधानिक और निष्पक्ष रूप से संपन्न की गई है। इसके बाद कथा मंच से तीनों का सनातन धर्म में स्वागत किया गया।

इस अवसर पर बागेश्वर महाराज यानि पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महिला और उसके बच्चों का तिलक कर, पट्टिका पहनाकर विधिवत स्वागत किया। महिला का पूर्व नाम परवीन मौसिम शेख, पुत्री का नाम जुमेरा मोशीन शेख तथा पुत्र का नाम रजा मौसिन शेख था। सनातन धर्म अपनाने के बाद महिला का नाम जया जैकी दास, पुत्र का नाम राजू जैकी दास और पुत्री का नाम जय श्री जैकी दास रखा गया।

 
‘मां काली की कृपा से हुआ बेटा’

जया जैकी दास ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें मुस्लिम समाज में रहते हुए सहज अनुभूति नहीं होती थी। वे लंबे समय से बाबा महाकाल और मां काली की उपासना करती आ रही हैं और अपने पुत्र को मां काली की कृपा मानती हैं। उन्होंने बताया कि बीते कुछ महीनों से वे बागेश्वर महाराज के प्रवचन और वीडियो नियमित रूप से देख रही थीं। आमगांव में कथा की जानकारी मिलने पर वे स्वयं संपर्क कर कथा स्थल पर पहुंचीं और बिना किसी दबाव या भय के स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया।

उल्लेखनीय है कि कथा पंडाल में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु कथा का रसपान करने पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में कथा मंच के माध्यम से पूर्व में हिंदू रहे लोगों की घर वापसी तथा अन्य धर्मों से आए परिवारों द्वारा सनातन धर्म अपनाने का सिलसिला भी निरंतर जारी है।