'शिक्षित स्वस्थ'भारत के लिए आगे आएं धर्माचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती-कहा, धर्मांतरण पर रोक लगाने की दिशा में होगा महत्वपूर्ण कदम...
प्रयागराज, 27 जनवरी। माघ मेला में काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि हिन्दू धर्माचार्य देश के लोगों को 'शिक्षित एवं स्वस्थ' बनाने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म के समक्ष सबसे बड़ा खतरा धर्मांतरण को लेकर है।
माघ मेला क्षेत्र के त्रिवेणी मार्ग स्थित शंकराचार्य शिविर में मंगलवार को अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि विदेशी शक्तियां बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सेवा भाव का बहाना बनाकर बड़े पैमाने पर हिन्दुओं के धर्मांतरण में जुटी हैं। प्रतिवर्ष लाखों हिन्दू उनके चक्रव्यूह में फंसकर दूसरे धर्म को स्वीकार कर रहे हैं।
शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि आज देश के लोगों के समक्ष उच्च शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य की सबसे अधिक जरूरत है। विदेशी शक्तियां बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के बहाने देश में बड़े पैमाने पर अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय खोलती हैं और फिर इसके माध्यम से धर्मांतरण का रास्ता निकालती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो भारतीय संस्कृति एवं दर्शन के अनुरूप हो।
विदेशी शक्तियां हमारे देश में भारतीय संस्कृति को लगातार कमजोर कर रही हैं। धर्माचायों को चाहिए कि भारतीय दर्शन एवं संस्कृति के आधार पर विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थाएं स्थापित करें। यह भारत को विश्व गुरु बनाने में सहायक होगा। शंकराचार्य ने कहा कि देश की स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी काफी महंगी है।
सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद गरीबों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। विदेशी मिशनरियां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बहाने गरीब लोगों को अपने चंगुल में फंसा कर धर्मांतरण के लिए बाध्य कर रही हैं। देश के कई राज्यों में मिशनरियों ने हिन्दुओं को अल्पमत में कर दिया है। मिशनरियां लोगों को कथित चमत्कार के बल पर स्वस्थ करने का दावा कर रही हैं। इससे देश की गरीब भोली-भाली जनता धर्मांतरित हो रही है।
हिन्दू धर्माचार्यों को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विश्व स्तरीय चिकित्सा संस्थान खोलना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि वह देश के वरिष्ठ धर्माचार्यो के साथ मिलकर इस दिशा में विमर्श करेंगे। साथ ही देश को 'शिक्षित एवं स्वस्थ' बनाने की दिशा में मिलजुल कर कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि माघी पूर्णिमा तक शिविर में कल्पवास करूंगा।