मजबूरी या डिप्रेशन.. पूरे परिवार की हत्या करने वाले अमीन ने खुदकुशी से पहले बहनों को क्या बताया?...
यूपी के सहारनपुर में अमीन अशोक राठी, मां विद्यावति, पत्नी अंजिता, और दो बेटों कार्तिक व देव का शव मिला। सभी की लाश देखकर सबसे पहला सवाल यही उठ रहा था कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया है। अशोक राठी द्वारा अपनी बहन को भावुक ऑडियो संदेश भेजा गया था, जिसमें उसने अपने द्वारा की गई घटना पर पछतावा और मजबूरी जाहिर की है। इस ऑडियो संदेश में उसने पांच जिंदगियों के खत्म करने की कहानी बयां की, जिससे इन मौतों का राज खुल गया।
ऑडियो भेजने के बाद अशोक राठी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह ऑडियो अशोक राठी ने घटना के बाद रात के समय अपनी बहन पिंकी को भेजा था। करीब एक मिनट के इस ऑडियो में अशोक राठी फूट-फूटकर रोता हुआ सुनाई देता है। वह कहता है कि उसने बहुत बड़ा और गलत काम कर दिया है। ऑडियो में वह बार-बार अपनी मजबूरी का जिक्र करता है और कहता है कि इस घटना के लिए किसी और की कोई गलती नहीं है।
उसने कहा कि वह इस बारे में किसी को कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं था और हालात उसे इस हद तक ले आए। ऑडियो संदेश में अशोक राठी अपनी दोनों बहनों और दोस्तों से माफी मांगता है। वह कहता है, मुझे माफ कर देना बहनों, मैं बहुत मजबूर हो गया था। इसके साथ ही उसने यह भी कहा कि उसकी संपत्ति उसकी बहनों के नाम कर दी जाए। यह बात सुनकर परिजनों और पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। भावनात्मक रूप से टूट चुके अशोक राठी ने अपनी बहनों से यह भी कहा कि वह भैयादूज और रक्षा बंधन जैसे त्योहार पहले की तरह धूमधाम से मनाएं।
पांचों के सिर-सीने में, अशोक की रीढ़ में फंसी दो गोलियां
सरसावा क्षेत्र में हुए सामूहिक हत्याकांड और आत्महत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने घटना की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के पांचों सदस्यों की मौत गोलियां लगने से हुई है। मंगलवार को देर रात तक चले पोस्टमार्टम में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक अशोक कुमार, उनकी मां विद्यावती, पत्नी अंजिता और दोनों बेटे कार्तिक व देव को तीन-तीन गोलियां मारी गई थीं। सभी मृतकों के सिर और छाती में गोली लगने के निशान पाए गए। अधिकतर गोलियां शरीर को आरपार कर गईं, जबकि कुछ गोलियां सिर में धंस गई थीं। पोस्टमार्टम के दौरान सबसे अधिक परेशानी अशोक कुमार के शव में आई। डॉक्टरों के अनुसार, अशोक की रीढ़ की हड्डी में दो गोलियां फंसी हुई थीं, जिन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। गोलियां आसानी से नहीं मिलीं, जिसके चलते डॉक्टरों की टीम को अतिरिक्त समय देना पड़ा।
अशोक का चल रहा था डिप्रेशन का इलाज
बताया जाता है कि अशोक मानिसक रूप से बीमार था, जिसका ईलाज भी चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा था। पिछले काफी समय से वह मानसिक रोग की दवाएं खा रहा था। पुलिस के अनुसार अशोक राठी डिप्रेशन का मरीजा था और गुमसुम रहता था। उसके इलाज की जानकारी मिली है।
दो बार पहले भी उठाया था घातक कदम
पुलिस की जांच सामने आया है कि अशोक राठी ने दो बार पहले भी ऐसा घातक कदम उठाया था। एक बार उसने कोरोना काल में आत्महत्या की कोशिश की थी। इसके पश्चात भी उसने खौफनाक कदम उठाया था, लेकिन इस बार पूरे परिवार को उजाड़ने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।