शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान और सनातन आस्था पर चोट निंदनीय : अजय राय...
-प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने ईश्वरगंगी गोशाला में गायों की पूजा कर शंकराचार्य का किया समर्थन
वाराणसी, ब्यूरो। ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ प्रयागराज माघमेला क्षेत्र में अपमानजनक व्यवहार को लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ रही है। गुरूवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पौराणिक ईश्वरगंगी तालाब स्थित गौशाला में विधिवत गौ पूजा कर केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकार को सनातन विरोधी बताया।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गौ माता, संत समाज और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान और सनातन आस्था पर चोट साबित करता है कि इस सरकार के कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जीवनभर समाज को ज्ञान, संस्कार और धर्म का मार्ग दिखाया, आज उनसे यह साबित करने को कहा जा रहा है कि वे शंकराचार्य हैं-यह पूरे सनातन समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक है। जिन संतों के विचारों से लाखों लोगों को दिशा मिली, उन्हें अपने सम्मान और अस्तित्व की रक्षा के लिए अनशन पर बैठना पड़ रहा है। यह सत्ता की संवेदनशीलता और सनातन के प्रति उसकी वास्तविक सोच पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
बटुकों का शिखा नोचकर, बुजुर्ग संतों को लाठियों से योगी सरकार ने पिटवाया यह अति निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को गौ रक्षा और सनातन की रक्षक बताती है, उसी सरकार में उत्तर प्रदेश गौ मांस का सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। तीर्थ स्थल मणिकर्णिका घाट पर सौंदर्यीकरण के नाम पर इस पवित्र घाट की मूल आत्मा को ही नुकसान पहुँचाया गया।
मणिकर्णिका घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सनातन धर्म की आस्था का केंद्र और मोक्ष का द्वार माना जाने वाला तीर्थ स्थल है। हम मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते है कि यदि मूर्ति से जुड़ा वीडियो एआई जनरेटेड है, तो उसके ठोस और सबूत सार्वजनिक किए जाएँ मूर्ति दिखा दी जाए कहा रखी गई है। कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, सतनाम सिंह, मनीष मोरोलिया, चंचल शर्मा, विजय देवल, हसन मेहदी कब्बन, नरसिंह दास वर्मा आदि शामिल रहे।