वाराणसी रोपवे के गोंडोला का झूलते हुए वीडियो हो रहा वायरल, रोपवे प्रबंधन ने बताया ये 'काफी सुरक्षित'...
वाराणसी। देश की पहली शहरी रोपवे परियोजना पूरी होने के कगार पर है, माना जा रहा है कि इसी वर्ष कुछ माह में ही इसे आम जनता के लिए चालू कर दिया जाएगा। लेकिन इसके शुरुआत के पूर्व ही हिचकोले खाता गोंडोला चर्चा में आ गया है।मंगलवार को कई सोशल मीडिया प्रोफाइल से तेज हवा में झूलते गोंड़ोला का वीडियो चर्चा में बना हुआ है। हालांकि रोपवे प्रबंधन की ओर से इसे जांच का हिस्सा बताते हुए सबसे सुरक्षित सफर के अनुकूल बताया है।
दूसरी ओर लोग अपने प्रोफाइल पर इस झूलते हुए गोंडोला का वीडियो साझा कर इसके चुनौतीपूर्ण सफर को लेकर कयास लगा रहे हैं। वायरल हो रहे वीडियो को बनाने वाले की आवाज भी है जिसमें आठ सौ करोड़ की परियोजना के इस तरीके से बीच हवा में झूलने को लेकर आम लोगों के मन में दहशत की बात भी है। वहीं वायरल हो रहे वीडियो में गोंडोला बुरी तरह हिल रहा है। इसके हिलने को देखकर एक बाइक सवार भी वीडियो में अपना वाहन रोक देता है।
वहीं वीडियो शेयर कर अन्य तमाम यूजर्स भी बता रहे हैं कि बनारस में 815 करोड़ रुपये की लागत से बना यह नया रोपवे है। हवा के झटके से यह बुरी तरह हिल रहा है। रोपवे की कुल दूरी 3.85 किलोमीटर है और जरा इसमें सफ़र करने वाले लोगों की हालत की कल्पना कीजिए। डर के मारे हर मिनट आपकी जान खतरे में पड़ जाएगी। वहीं तमाम लोगों ने वीडियो साझा कर शीर्ष अधिकारियों को भी इससे अवगत कराते हुए इस डरावने मंजर को साझा किया है।
मंगलवार को वायरल हो रहे इस वीडियो को तमाम प्रोफाइलों से साझा कर रोपवे के हिचकोले खाते और झूलते सफर को लेकर लोग चिंता भी जाहिर कर रहे हैं। वहीं अभी खाली गोंडोला का यह ट्रायल का ही दौर चल रहा है। गोंडोला के अनियंत्रित तरीके से हिलने की वजह से लोग इसमें बैठने वालों की चिंंता कर रहे हैं। तमाम प्रोफाइलों से वीडियो साझा कर इसमें सफर करने वालों को सावधान भी किया जा रहा है। वहीं कुछ लोग इस तरह हिलते देखकर हादसे की भी आशंका जता रहे हैं।
वायरल हो रहे वीडियो को लेकर रोपवे प्रशासन ने स्पष्टीकरण भी जारी किया है। स्विटजरलैंड की विशेषज्ञ टीम ने भी इस बाबत बताया है कि जो वीडियो दिख रहा हैं, वह पूरी तरह झूठा है। दरअसल सच्चाई यह है कि वाराणसी रोपवे से जुड़ा जो दृश्य सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है, उसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और इससे भ्रम फैलाया जा रहा है। इस वीडियो का किसी भी प्रकार की खराबी, असुरक्षा या विफलता से कोई संबंध नहीं है।
वाराणसी रोपवे प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों, विशेष रूप से यूरोपीय सुरक्षा कोडों के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। इसके संचालन से पहले और दौरान अनेक कठोर और विस्तृत सुरक्षा परीक्षण किए जाते हैं। एनएचएलएमएल (NHLML) द्वारा किया जा रहा यह ट्रायल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत और योजनाबद्ध परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है।
इन परीक्षणों में आपातकालीन ब्रेकिंग, तेज हवा के दबाव की स्थिति, सेंसरों की सक्रियता और अन्य सभी संभावित परिस्थितियों में प्रणाली के सुरक्षित संचालन की जाँच की जाती है। वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधि किसी भी संरचनात्मक, यांत्रिक या संचालन संबंधी कमी का संकेत नहीं है, बल्कि यह यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि रोपवे हर स्थिति में पूरी तरह सुरक्षित रूप से कार्य करे और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।