नाम- सुक्रानी, काम- माला बेचना, सपना- पक्का मकान बनवाना..प्रयागराज माघ मेले की वायरल लड़की की गजब बात, आई सामने...
माघ मेला प्रयागराज। माघ मेले की शुरुआत हो चुकी है। 3 जनवरी से लेकर अब 8 जनवरी सायंकाल तक लाखों श्रद्धालु संगम तट पर डुबकी लगा चुके हैं। अब मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के स्नान की तैयारी चल रही है। इस बार के माघ मेले में महाकुंभ की तरह ही लोग अपनी दुकानें लगाए हुए हैं, कोई फूल माला बेच रहा है तो कोई चाय बेच रहा है।
इस बीच महाकुंभ वाली मोनालिसा की तरह दिखने वाली कई लड़कियां भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जो माघ मेले में समान बेच रही हैं। ऐसी ही एक वायरल लड़की है, जिसका नाम है सूक्रानी।
माला बेच रही है मोस्ट वायरल गर्ल
माघ मेला मे मोस्ट वायरल गर्ल सूक्रानी अपने देसी स्वैग और सपनों से जानी जा रही है। मध्यप्रदेश के खंडवा जिला की रहने वाली सूक्रानी माघ मेला में माला बेच रही है। सूक्रानी के पास रुद्राक्ष, तुलसी , चंदन और मोती के रंगीन माला है, जिसकी कीमत 200 से लेकर 50 रुपये तक है, सूक्रानी को माघ मेला क्षेत्र में पहुंचे 8 दिन हुए हैं। सूक्रानी को दुकानदारी से अब तक ज्यादा कमाई नहीं हुई है, सूक्रानी को लोगों के पास जाकर माला बेचना पसंद है। सूक्रानी की उम्र 18 साल है और इतने उम्र वाली पुरे कबीले मे पहली कुंवारी लड़की सूक्रानी है।
सूक्रानी ने छोड़ दी पढ़ाई
सूक्रानी के पिता का नाम राज कपूर है और सूक्रानी अपने 2 भाइयों की एकलौती बहन है। सूक्रानी मेला में अपने रूप से सिर्फ वायरल नहीं होना चाहती। बल्कि वो मेला में अधिक माला बेचना चाहती है, सूक्रानी अपनी शादी परिवार वालों की मर्जी से करना चाहती है। सूक्रानी 7 वीं कक्षा तक पढ़ी है और आगे की पढ़ाई छोड़ दी। सूक्रानी अपने कबीले की पढ़ी-लिखी पहली लड़की है, आगे की पढ़ाई न करने का कारण स्कूल का दूर होना है। स्कूल दूर होने की वजह से और यातायात का साधन न मिलने से सूक्रानी ने अपनी पढ़ाई को छोड़ दिया।
अपने पैसों से पक्का मकान बनवाना चाहती है सूक्रानी
माघ मेले के अलावा सूक्रानी सामान्य दिनों में मजदूरी का भी काम करती है। सूक्रानी माघ मेला में कमाए गये पैसे से अपना घर बनवाना चाहती है। सूक्रानी का कच्चा मकान है, जो कमाई से पक्के मकान में बदलना चाहती है। सूक्रानी ने आस्था की डुबकी लगाई और अपने सपनों को पूरा करने के लिए माँ गंगा से हर रोज प्राथना कर रही है। सूक्रानी सिनेमा की दुनिया में काम नहीं करना चाहती है। बाकी किस्मत जहां ले जाए। मध्य प्रदेश में महिलाओं की सशक्तिकरण और स्थिति में सुधार पर सूक्रानी ने कहा की सुधार तो हो रहा है।