BPSC टीचर प्रिया का शव फंदे से लटका मिला, सुसाइड नोट में लिखा- 'मुझे पति से नहीं, बेटी से दिलवाना मुखाग्नि', अंतिम इच्छा भी नहीं हुई पूरी
बिहार राज्य ब्यूरो। पटना हाजीपुर। 'वो कभी सुसाइड नहीं कर सकती। मेरी बेटी बहुत स्ट्रॉन्ग थी। उसका मर्डर हुआ है। सबूत मिटाने के लिए उसके शव को लटका दिया।' बिहार के वैशाली जिले में एक बीपीएससी टीचर का शव 26 जनवरी को उसी के कमरे से मिला था। BPSC परीक्षा पास कर शिक्षिका बनी प्रिया भारती की बॉडी फंदे से लटका हुआ था। कटहरा थाना क्षेत्र के सेहान गांव में किराए के कमरे में रह रही प्रिया की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है, लेकिन परिवार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का दावा है कि सुसाइड नोट की लिखावट प्रिया की नहीं है और उसकी हत्या कर शव को लटकाया गया है। मृतका की मां ने पति, सास, ननद और भांजे के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सुसाइड नोट पर गहराया संदेह
पुलिस को प्रिया के कमरे से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें लिखा है, 'मम्मी-पापा सॉरी! मेरा किसी से विवाद नहीं है।' हालांकि, प्रिया की मां इंद्रकला भारती का कहना है कि उनकी बेटी मानसिक रूप से बहुत मजबूत थी और कभी आत्महत्या नहीं कर सकती थी। परिवार ने आरोप लगाया कि नोट पर किए गए हस्ताक्षर प्रिया के मूल हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते। उनके अनुसार, यह हत्या को आत्महत्या का रूप देने की एक सोची-समझी साजिश है ताकि सबूतों को मिटाया जा सके।
'पति नहीं, 3 महीने की बेटी दे मुखाग्नि'
कथित सुसाइड नोट में प्रिया ने स्पष्ट रूप से अपनी अंतिम इच्छा व्यक्त की है कि उनकी मृत्यु के बाद उनके पार्थिव शरीर को ससुराल (रसूलपुर) न ले जाया जाए। उन्होंने अनुरोध किया है कि उनका अंतिम संस्कार हाजीपुर में ही किया जाए। इस पत्र का सबसे मर्मस्पर्शी हिस्सा वह है जहां प्रिया ने मुखाग्नि देने की बात कही है। परंपराओं से परे जाकर उन्होंने इच्छा जताई कि उनका पति उन्हें मुखाग्नि न दे, बल्कि उनकी महज तीन महीने की मासूम बेटी के हाथों उनका अंतिम संस्कार संपन्न कराया जाए। एक मां की यह अंतिम इच्छा समाज और व्यवस्था के सामने कई सवाल खड़े कर रही है।
तीन महीने की बच्ची को मां से अलग किया
प्रिया की शादी 16 नवंबर 2024 को रक्सौल में प्राइवेट बैंक में मैनेजर दीपक के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने 5 लाख रुपए और गाड़ी की मांग शुरू कर दी थी। मां ने बताया कि 15 जनवरी को सास और ननद ने प्रिया की तीन महीने की मासूम बच्ची को जबरन अपने पास रख लिया और प्रिया को अकेले किराए के कमरे में भेज दिया। मौत से एक दिन पहले प्रिया ने फोन पर रोते हुए बताया था कि उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है और उसके साथ मारपीट की गई है।
अस्पताल में दिखे चोट के निशान
परिजनों का आरोप है कि उन्हें 26 जनवरी की सुबह मौत की खबर दी गई। उन्होंने पुलिस और ससुराल पक्ष से उनके पहुंचने तक इंतजार करने को कहा था, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही शव को आनन-फानन में सदर अस्पताल भेज दिया गया। मृतका की मां ने दावा किया कि प्रिया के सिर पर गहरे जख्म और चोट के निशान स्पष्ट दिख रहे थे, जो संघर्ष की ओर इशारा करते हैं।
शव छीनने और नदी में बहाने का गंभीर आरोप
प्रिया के चचेरे भाई अजीत ने एक बेहद चौंकाने वाला आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब वे शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने घर ले जा रहे थे, तब पति दीपक ने करीब 50 लोगों और कथित राजनीतिक रसूख के साथ उनका रास्ता रोका। दबंगई दिखाते हुए शव को परिजनों से छीन लिया गया और कोनहारा घाट ले जाकर बीच नदी में प्रवाहित कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि साक्ष्यों को पूरी तरह नष्ट करने के लिए ही विधि-विधान के बिना शव को जल प्रवाहित किया गया।
ऑटो ड्राइवर ने क्या कहा?
जिस ऑटो ड्राइवर अजय कुमार को हर सुबह प्रिया को स्कूल छोड़ना होता था, उसने बताया कि 26 जनवरी की सुबह 8 बजे जब वह घर पहुंचा, तो काफी देर गेट खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। दो घंटे बाद उसे मौत की खबर मिली। फिलहाल, कटहरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच के साथ-साथ आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।