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पराली पर सोकर रातभर पढ़ाई की, आज बने देश के मुख्य न्यायाधीश... अपने गांव में भावुक होकर बोले CJI सूर्यकांत, बताई अपनी स्टोरी...

पराली पर सोकर रातभर पढ़ाई की, आज बने देश के मुख्य न्यायाधीश... अपने गांव में भावुक होकर बोले CJI सूर्यकांत, बताई अपनी स्टोरी...

नारनौंद। देश के सीजेआइ सूर्यकांत की शिक्षा की नींव काफी मजबूत रही। गांव पेटवाड़ के सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हुए वह पूरी-पूरी रात स्कूल में रहते थे। पराली पर बैठकर पढ़ाई करते और उसी पर सो जाते। रात भर पढ़ाई का आज परिणाम है वह इस उच्च पद तक पहुंचे। सीजेआइ सूर्यकांत ने कहा कि आज बच्चे देश की नींव हैं। बेहतर शिक्षा प्राप्त कर देश का नाम रोशन करें।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत शनिवार को पैतृक गांव पेटवाड़ पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले गांव में श्रीराम मंदिर में माथा टेका। उनके साथ उनकी पत्नी सविता भी मौजूद थी। उसके बाद खुली जीप में बैठकर जिस सरकारी स्कूल में पढ़ते थे वहां पहुंचे। स्कूल में बच्चों को देखकर काफी खुश हुए। कड़ी निगाहों से कमरों को निहारते रहे। फिर वहां उतरकर मंच पर पहुंचते ही गांव की तरफ से बुजुर्ग चंद्र जांगड़ा और अमरजीत सिंह ने पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।

चीफ जस्टिस ने कहा पेटवाड़ के बड़े बुजुर्ग जिनके आशीर्वाद स्नेह और मार्गदर्शन ने मेरे जीवन की सबसे बड़ी नींव रखी। वह साल में एक बार जरूर गांव में आते हैं। हरियाणा और देश के बच्चे भारतवर्ष की ठोस नींव हैं जो देश को आगे लेकर जाएंगे। अपने गांव का नाम रोशन करेंगे। गांव के मंच पर हमेशा दुविधा में रहता हूं कि क्या बोलूं।

हमेशा से ही गांव की मिट्टी से जुड़कर रहने की प्रेरणा मिली है। पेटवाड़ गांव हमेशा ही शिक्षा के क्षेत्र में आगे रहा है। गांव की सरकारी स्कूल से पढ़ाई करके इस मुकाम तक पहुंचा हूं। अन्य छात्रों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। पहले स्कूलों में अध्यापकों की काफी कमी रहती थी। जब स्कूल के टीचर का तबादला होता था तो काफी दिनों तक कोई नया टीचर नहीं आता था।

जब वह दसवीं कक्षा में पढ़ते थे तो अंग्रेजी की अध्यापक मास्टर प्रेम सिंह होते थे। उन्होंने हमें रात में पढ़ाई करने के लिए स्कूल में बुलाया। वह कोई ट्यूशन नहीं लेते थे बल्कि अच्छा परिणाम लाने के लिए हमें पढ़ाते थे। रात को कमरों में धान की पराली को बिछाकर उसी पर पढ़ाई करते थे और फिर वही सो जाते थे।

मेरे पिता अब हमारे बीच में नहीं हैं। जब पढ़ाई पूरी की तो पूछा कि कौन क्या करना चाहता है। मैंने कहा कि मैं आर्ट से पढ़ाई पूरी करना चाहता हूं। पिता ने कहा तुम वही करो जो तुम पढ़ना चाहते हो। ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद मैंने कहा ला की पढ़ाई करनी है। मैं काफी हठी था। मैंने कानून की पढ़ाई शुरू कर दी। मेरे पिता व मित्र मार्गदर्शन करते रहे। अगर वह उस समय साथ नहीं देते तो मैं इस पद पर नहीं होता।

उन्होंने कहा कि सभा में बेटे और बेटियां भी मौजूद हैं। इन बेटियां देश की सेवा में अलग-अलग पोजीशन में देखना चाहता हूं। कोई सेना में आर्मी, इंजीनियरिंग, डाक्टर और कुछ बच्चे ला में भी जरूर जाएं। आप लोगों को बहुत बड़ा बनना है ताकि बाहर के लोग ये कहे कि ये बच्चे सूर्यकांत के गांव के हैं।

ग्रामीण से अपील है कि वह एक ऐसी ट्रस्ट का निर्माण करें जो कि गांव के गरीब बच्चों को शिक्षित करने का काम करे। गांव के होनहार छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि युवाओं को सीजेआइ सूर्यकांत से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने गांव की मिट्टी का पूरे देश में मान बढ़ाया है। भाषण के बाद चीफ जस्टिस ने भी तालियां बजाई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को पहुंचना था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ही मांग पत्र छपवाया था जिसमें उनकी मांगी थी कि गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए, विद्यालय की नई बिल्डिंग, हर्बल पार्क, ई-पुस्तकालय, तालाबों का सुंदरीकरण, श्मशान घाट की चहारदीवारी, 33 केवीए सब स्टेशन का निर्माण, 24 इंच वाटर सप्लाई की पाइप लगाई जाए, सहकारी समिति में खाद का गोदाम, कन्या स्कूल में सोलर पैनल लगाएं जाएं। कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने सभी मांगों को मंजूर करने का आश्वासन दिया।

चीफ जस्टिस ने मंच से गांव के बुजुर्ग मास्टर रिसाल सिंह और पुराने दोस्त थांबू राम का ज़िक्र किया। वह कहते थे तुम्हें बड़ा आदमी बनकर गांव का नाम रोशन करना है। गांव के पूर्व सरपंच वजीर सिंह भी उनके साथ पढ़ते थे। उन्होंने गांव की तरफ से फूलों का गुलदस्ता भेंट करके उनसे गले मिले। गांव के मंदिर का इतिहास काफी पुराना है लोगों का मानना है कि यहां पर मांगी हुए मन्नत पूरी होती है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत का परिवार भी यहां आकर आशीर्वाद प्राप्त करता है।

कार्यक्रम को देखने के लिए अलेवा से सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली तीन छात्राएं सभी की भीड़ से चीफ जस्टिस की हाथ से बनाई हुई पेंटिंग को खड़े होकर दिखा रही थी तो उन्होंने मंच पर बुलाया और पेंटिंग पर आटोग्राफ देकर कहा कि मेहनत के साथ पढ़ाई करना। पेंटिंग काफी अच्छी बनाई है। तीनों आशीर्वाद देकर गले भी लगाया।

पूर्व राज्य सभा सदस्य जरनल डी पी वत्स, विधायक रामकुमार गौतम, विधायक जस्सी पेटवाड़, विधायक रणधीर पनिहार, जिला परिषद चेयरमैन सोनू डाटा, भाजपा नेता अजय सिंधु, मार्केट कमेटी चेयरमैन शमशेर मोर, चेयरमैन मास्टर उदय सिंह लोहान, नपा चेयरमैन शमशेर कूकन, बार एसोसिएशन अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश लोहान, एडवोकेट सुशील शर्मा, सुनील पनिहार, अमनदीप ढांडा, संदीप लोहान, प्रदीप लोहान, सरपंच सतबीर सिंह, घनश्याम शर्मा, पूर्व सरपंच वजीर सिंह, सुरेंद्र उर्फ गोगल नंबरदार, प्रदीप दुहन आदि मौजूद थे।