Republic Day: इन राज्यों का टूटा सपना, परेड में इस बार नहीं दिखेगी झांकी, देखें सलेक्टेड राज्यों की पूरी लिस्ट...
Republic Day 2026 Tableaux: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ (Kartavya Path) एक बार फिर भव्यता का साक्षी बनने जा रहा है। 26 जनवरी 2026 की यह परेड न केवल देश की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और 'आत्मनिर्भर' बनने की दिशा में बढ़ते कदमों की एक जीवंत झांकी भी होगी। इस वर्ष का समारोह विशेष रूप से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर को समर्पित है।
केंद्र सरकार ने इस बार 'स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्' और 'समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत' की दो साझा थीम पर पूरे आयोजन को तैयार किया है। देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की कुल 30 झांकियां अपनी कला और संदेश से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए तैयार हैं।
Republic Day Tableau: 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष और आत्मनिर्भरता का संगम
इस साल की गणतंत्र दिवस परेड की सबसे बड़ी विशेषता 'वंदे मातरम्' गीत के 150 गौरवशाली वर्षों का जश्न है। झांकियों के माध्यम से इस गीत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और राष्ट्रीय चेतना को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही, 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को विभिन्न क्षेत्रों-जैसे रक्षा, तकनीक और कृषि-में हुई प्रगति के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।
Republic Day Parade Tableau: परेड में शामिल राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
इस वर्ष कुल 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां कर्तव्य पथ पर अपनी संस्कृति की छटा बिखेरेंगी:
उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी।
पूर्व और पूर्वोत्तर: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मणिपुर, नागालैंड।
पश्चिम भारत: गुजरात, महाराष्ट्र।
Main Tableau Theme: प्रमुख झांकियां और उनकी थीम
तमिलनाडु: 'आत्मनिर्भर भारत - इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मैन्युफैक्चरिंग हब'।
उत्तर प्रदेश: 'बुंदेलखंड की संस्कृति'।
केरल: 'वाटर मेट्रो और 100% डिजिटल केरल'।
ओडिशा: 'मिट्टी से सिलिकॉन तक: नवाचार और परंपरा'।
Republic Day: केंद्र सरकार के 13 विभागों का प्रदर्शन
राज्यों के अलावा केंद्र सरकार के 13 मंत्रालय और विभाग अपनी उपलब्धियों को साझा करेंगे। इनमें संस्कृति मंत्रालय की झांकी 'वंदे मातरम्: राष्ट्र की आत्मा' मुख्य आकर्षण होगी। इसके अलावा आयुष, गृह मंत्रालय (NDRF और नए कानून), रक्षा, शिक्षा और कौशल विकास जैसे विभाग भी शामिल हैं।
Republic Day Parade: इस बार कौन से राज्य नहीं दिखेंगे?
रक्षा मंत्रालय की नई रोटेशन नीति (2024-2026) के तहत, कुछ राज्यों को इस वर्ष अवसर नहीं मिला है ताकि अन्य राज्यों को मौका दिया जा सके। इस बार अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम, मेघालय, झारखंड, गोवा, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की झांकियां परेड का हिस्सा नहीं होंगी। इस नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक राज्य को तीन साल के चक्र में कम से कम एक बार अपनी झांकी दिखाने का मौका मिले।
झांकियों का चयन, विशेषज्ञों की कड़ी परीक्षा
झांकियों का चयन एक जटिल और पारदर्शी प्रक्रिया है जिसे रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) नियंत्रित करती है।
समिति का गठन: इसमें कला, संस्कृति, मूर्तिकला और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों के दिग्गज और पद्म पुरस्कार विजेता शामिल होते हैं।
चयन प्रक्रिया: पहले चरण में स्केच और डिजाइन का मूल्यांकन होता है। दूसरे चरण में 3-डी मॉडल बनवाए जाते हैं। संगीत, रंग और संदेश के सटीक होने पर ही अंतिम मुहर लगती है।
विशेष अतिथि और सांस्कृतिक जुड़ाव
जनजातीय मेहमान: सरकार ने समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए देश के विभिन्न कोनों से 400 जनजातीय मेहमानों को आमंत्रित किया है।
विशेष अतिथि: तकनीक, स्टार्ट-अप और स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़े करीब 5,000 विशेष मेहमान इस गौरवशाली क्षण के गवाह बनेंगे।
Republic Day: नदियों और वाद्य यंत्रों के नाम पर एनक्लोजर
समारोह को और अधिक भारतीय रंग देने के लिए दर्शकों के बैठने वाले एनक्लोजर (Enclosures) का नामकरण भारत की प्रमुख नदियों जैसे- गंगा, यमुना, गोदावरी के नाम पर किया गया है। वहीं, 'बीटिंग द रिट्रीट' समारोह के लिए एनक्लोजर के नाम भारतीय संगीत वाद्य यंत्रों जैसे- वीणा, मृदंगम के नाम पर रखे गए हैं।
2026 का यह गणतंत्र दिवस समारोह भारतीय गौरव, आधुनिकता और सांस्कृतिक धरोहर का एक ऐसा अद्भुत कोलाज पेश करेगा, जो दुनिया को भारत की बढ़ती शक्ति का परिचय देगा।