मैं स्पेशल मिशन पर हूं... मुझे ROOM दिलवाइए' भिवाड़ी थाने पहुंच बागपत के फर्जी IPS सौरभ ने थानेदार पर झाड़ा रौब, लेकिन खुद ही फंसा...
Bhiwadi Police Crime News: राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में भिवाड़ी पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को IPS अधिकारी बताकर थाने पहुंचकर रौब झाड़ रहा था। आरोपी ने खुद को SPG में तैनात AIG रैंक का अधिकारी बताया और थाने पहुंचकर होटल में VIP कमरा दिलाने की मांग की। पुलिस को शक हुआ तो उसकी सच्चाई सामने आ गई।
आरोपी की पहचान सौरभ कुमार के रूप में हुई है। जो कि यूपी के बागपत का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली में रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। अपने शौक और फायदे के लिए खुद को बड़ा अफसर बताकर घूम रहा था।
ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
भिवाड़ी थाने के अधिकारी सचिन शर्मा के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी थाने के गेट पर आकर रुकी। गाड़ी पर "पुलिस" लिखा हुआ था। युवक ने संतरी को बताया कि वह IPS अधिकारी है और SPG में AIG पद पर तैनात है। उसने कहा कि वह किसी खास मिशन पर है और रात रुकने के लिए उसे होटल में कमरा चाहिए।
उसकी बातों और अंदाज से पुलिस को शक हुआ तो थाना अधिकारी ने युवक को केबिन में बैठाया और उसके बारे में जांच शुरू कर दी। करीब आधे घंटे तक उससे बातचीत की गई और रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच में पता चला कि इस नाम का कोई IPS अधिकारी मौजूद ही नहीं है।
नकली ID कार्ड भी दिखाया
जब सौरभ से पहचान पत्र मांगा गया तो उसने SPG और AIG लिखा हुआ एक कार्ड दिखाया. जांच में वह पूरी तरह नकली निकला, इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को IPS अधिकारियों को मिलने वाली सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी प्रोटोकॉल की अच्छी जानकारी थी. इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने फर्जी पहचान बनाई, गाड़ी पर पुलिस लिखवाया और अलग-अलग इलाकों में खुद को बड़ा अफसर बताकर खास सुविधाएं लेता रहा।
आरोपी से क्या-क्या मिला
भिवाड़ी के एडिशनल एसपी अतुल साहू ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी और फर्जी दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं. पुलिस को उसके पास से एक डमी वॉकी-टॉकी, पासपोर्ट और बैंक पासबुक भी मिली है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कहां-कहां खुद को IPS बताकर फायदा उठाया और क्या इस फर्जी वाड़े के पीछे कोई और लोग भी शामिल हैं।