Sad guru Seva Sangh
वाराणसी: काशी की धरती पर साकार हो रही पूज्य रणछोड़ दास जी महाराज की परिकल्पना; 10 नए विजन सेंटर्स और 14 PHC पर नेत्र सेवा का लिया संकल्प...
समारोह के मुख्य अतिथि वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राजेश प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने पुराने दिनों की व्यक्तिगत यादें साझा करते हुए कहा:
"आज का दिन मेरे लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण है। पूज्य रणछोड़ दास जी महाराज की वह पावन परिकल्पना, जिसमें उन्होंने हर नेत्रहीन को ज्योति देने का स्वप्न देखा था, आज काशी की इस पवित्र धरती पर साकार होती दिख रही है। संस्था का यह अथक प्रयास न केवल चिकित्सा है, बल्कि साक्षात ईश्वरीय सेवा है।"
विशिष्ट अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री डी. के. सिंह ने आज के दौर की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती की ओर सबका ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में लैपटॉप, स्मार्टफोन और कंप्यूटर के अनियंत्रित उपयोग के कारण छोटे बच्चों की आँखों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। श्री सिंह के अनुसार, "वर्तमान में हर 10 में से 4 बच्चा नेत्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है।" उन्होंने संस्था से अपील की कि वे स्कूलों में जाकर छोटे बच्चों की जाँच (Screening) को प्राथमिकता दें।
संस्था ने अपनी सेवाओं का व्यापक विस्तार करते हुए रामनगर, सेवापुरी, चौबेपुर और दुर्गाकुंड जैसे महत्वपूर्ण शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 10 अत्याधुनिक विजन सेंटर्स खोले हैं। इसके अलावा, जिले के 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर भी संस्था द्वारा जाँच और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। यह पहल उन ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होगी जो आर्थिक या शारीरिक कारणों से बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुँच पाते।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के प्रोग्राम संचालक और मैनेजर डॉक्टर दिग्विजय सिंह का विशेष योगदान रहा। उनके कुशल प्रबंधन में इस अभियान को गति मिल रही है। साथ ही जिला कॉर्डिनेटर डॉक्टर जगदेव त्रिपाठी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
समारोह में डॉक्टर शपथ, सत्यम समेत संस्था के अन्य अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
मंच पर सुश्री संध्या जी और श्री सुबीश कुय्यादियिल (प्रशासक) ने भी अतिथियों का स्वागत किया और सद्गुरु सेवा संघ के सेवाभावी लक्ष्यों पर प्रकाश डाला।