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वाराणसी में कोडीन कफ सिरप के सरगना शुभम जायसवाल के पीछे 100 से अधिक युवा, मोहल्ले ने विदेश भेजने में निभाई अहम भूमिका...

वाराणसी में कोडीन कफ सिरप के सरगना शुभम जायसवाल के पीछे 100 से अधिक युवा, मोहल्ले ने विदेश भेजने में निभाई अहम भूमिका...

वाराणसी, ब्यूरो। कोडीन युक्त कफ सिरप के कारोबार का सरगना और 75 हजार रुपये का इनामी शुभम जायसवाल चौक क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाए हुए था। जानकारी के अनुसार, उन्होंने चौक थाना क्षेत्र के 10 मोहल्लों के 100 से अधिक युवाओं को अपने साथ जोड़ रखा था। 

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोहल्ले में सामान्यतः शांत और सीवियर दिखने वाले ये युवक असल में शुभम के लिए सक्रिय थे। ये लोग उसके आदेशों पर कार्य करते थे और स्थानीय स्तर पर उसका प्रभाव बढ़ाने में मदद करते थे। विशेष रूप से, इनके माध्यम से शुभम को विदेश भेजने की योजना को सुचारू रूप से अंजाम दिया गया।

जानकारी के अनुसार, शुभम जायसवाल के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें कोडीन सिरप की तस्करी और अन्य अपराध शामिल हैं। मोहल्ले के युवाओं की सक्रियता और मदद ने उसे कानून की पकड़ से बचने में मदद की।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सरगना अक्सर स्थानीय युवाओं को बहकाकर अपने गिरोह में शामिल करते हैं। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य अपने अपराध को अंजाम देने के लिए स्थानीय सहायता और सूचना नेटवर्क तैयार करना होता है। मोहल्ले के युवा अक्सर बाहरी लोगों के लिए नज़रअंदाज रह जाते हैं, जिससे उनकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

पुलिस ने बताया कि शुभम के विदेश भेजे जाने के मामले की जांच जारी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कौन-कौन से लोग और किस तरह की मदद में शामिल थे। इस मामले में स्थानीय युवाओं के रोल और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

स्थानीय लोग इस घटना को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की, जबकि कुछ मोहल्लेवासियों ने कहा कि इलाके में लंबे समय से यह तरह की गतिविधियां चल रही हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दी जाए।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि समाज और पुलिस के बीच जागरूकता और सहयोग कितना महत्वपूर्ण है। यदि स्थानीय लोग संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर देते हैं, तो अपराध को रोकने और गिरोह के नेटवर्क को खत्म करने में मदद मिल सकती है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई और गिरफ्तारियों की संभावना है। अधिकारियों ने मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शुभम जैसे अपराधियों को दोबारा किसी भी तरह की मदद न मिल सके।

इस घटना ने यह संदेश दिया है कि अपराधियों के नेटवर्क में शामिल युवा अक्सर बाहरी मदद और स्थानीय नेटवर्क के जरिए सरगना को बचाने में सक्रिय रहते हैं। पुलिस का मकसद इस नेटवर्क को तोड़कर कानून की पकड़ सुनिश्चित करना है।