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मेरठ में व्यापारी के बैग से निकली 2 किलो चांदी की ईंट, पड़ गए लेने के देने !! एक गलती ने दिया 42 हजार का झटका

मेरठ में व्यापारी के बैग से निकली 2 किलो चांदी की ईंट, पड़ गए लेने के देने !! एक गलती ने दिया 42 हजार का झटका


मेरठ। चांदी की कीमतें इस समय आसमान छू रही हैं। 4 लाख रुपये प्रति किलो के भाव को छूकर लौटी चांदी आम आदमी की पहुंच से देखते ही देखते ही बाहर गई है। कीमतों में मची इसी उथल-पुथल के बीच मेरठ में रैपिड ट्रेन स्टेशन पर एक व्यापारी के पास बिना पक्का बिल के 2 किलो चांदी की ईंट मिली। चांदी की इस ईंट की अनुमानित कीमत तकरीबन 6 लाख रुपये बताई जा रही है। व्यापारी के पास चांदी की ईंट से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद मामले की सूचना राज्यकर विभाग को दे दी गई।

घटना सोमवार देर शाम की है, जब मेरठ के साउथ रैपिड ट्रेन स्टेशन पर सुरक्षाकर्मियों ने चेकिंग के दौरान एक व्यापारी के बैग में चांदी की ईंट देखकर उन्हें रोक लिया। व्यापारी ने यह ईंट मेरठ से खरीदी थी और इसे लेकर मोदीनगर आ रहे थे। उनसे जब इस चांदी की ईंट की खरीद से जुड़े बिल मांगे गए तो वह नहीं दिखा पाए। इसके बाद मामले की सूचना राज्यकर विभाग को दी गई और एक टीम तुरंत स्टेशन पर पहुंच गई।

राज्यकर विभाग की सचल दस्ता टीम ने चांदी की ईंट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। टीम ने पहले ईंट का वजन कराया, जो लगभग दो किलो पाया गया। इसके बाद व्यापारी से इसकी खरीद से संबंधित बिल और टैक्स भुगतान की डिटेल मांगी गई। व्यापारी ने बताया कि उसने चांदी की यह ईंट मेरठ के एक ज्वेलरी शोरूम से खरीदी गई थी, लेकिन सोमवार को बाजार बंद होने के कारण पक्का बिल कट नहीं पाया। हालांकि, भुगतान चेक के माध्यम से कर दिया गया था।

व्यापारी ने मामले की जानकारी मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल को भी दी। पूरी जानकारी लेने के बाद विजय आनंद ने राज्यकर सचल दस्ते की प्रभारी सईदा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। विजय आनंद अग्रवाल ने अपर आयुक्त ग्रेड-2 (एसआईबी) सुशील कुमार सिंह को सभी तथ्य बताए, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि चांदी की खरीद वास्तविक है और भुगतान बैंकिंग माध्यम से हुआ है।

दोगुना जुर्माने के तहत लिए गए 42 हजार रुपये

राज्यकर विभाग की जांच में सामने आया कि चांदी पर तीन प्रतिशत जीएसटी देय था। नियम के मुताबिक, बिना बिल माल ले जाने की स्थिति में दोगुना जीएसटी जुर्माने के तौर पर वसूला जाता है। इसी प्रावधान के तहत, विभाग ने मौके पर ही व्यापारी से 42 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया। जुर्माना लेने के बाद चांदी की ईंट व्यापारी को सौंप दी गई।

अपर आयुक्त ग्रेड-2 सुशील कुमार सिंह ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि कर चोरी की आशंका होने पर विभाग ऐसे मामलों में जांच करता है। अगर, मामले में तथ्य स्पष्ट कर दिए जाते हैं और नियमानुसार टैक्स व जुर्माना जमा कर दिया जाता है, तो माल छोड़ दिया जाता है।