Headlines
Loading...
वाह रे बिहार पुलिस, रोहतास में 9 साल के मासूम पर लगा दिया SC/ST एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने मांगा जवाब...

वाह रे बिहार पुलिस, रोहतास में 9 साल के मासूम पर लगा दिया SC/ST एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने मांगा जवाब...

बिहार पुलिस अपनी अजब-गजब कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में रहती है। अभी कुछ दिन पहले दरभंगा जिले में एक गांव के 200 लोगों पर SC/ST एक्ट लगा दिया था, जिससे पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। वहीं अब इसी तरह का एक मामला रोहतास से सामने आया है, जहां 9 साल के बच्चे पर पुलिस ने SC/ST एक्ट लगा दिया। केस की सुनवाई जब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में हुई तो बोर्ड के सदस्यों ने हैरानी जताई। उन्होंने नवहट्टा थानाध्यक्ष को तलब किया और कहा कि बच्चे पर से तुरंत SC/ST एक्ट हटाया जाए। साथ ही ये कार्रवाई किस आधार पर की गई, इसकी 24 घंटे में रिपोर्ट दें।

बता दें कि मामला रोहतास जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र का है. दिसंबर 2025 में थाना क्षेत्र के एक गांव में कुछ बच्चों के बीच आपसी विवाद हो गया था, जिसको लेकर मारपीट भी हुई थी. एक बच्चे की मां इस मामले को लेकर थाने पहुंच गई और पांच लोगों पर SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया. मुकदमा दर्ज करते समय पुलिस ने 9 साल के बच्चे पर भी SC/ST एक्ट लगा दिया. चूंकि केस नाबालिग बच्चे पर था तो इसकी सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में होनी थी. 19 फरवरी को बच्चा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश हुआ. इस दौरान बोर्ड के मजिस्ट्रेट अमित कुमार पांडे और सदस्य तेज बली सिंह ने बच्चे की उम्र देख हैरान रह गए।

24 घंटे के अंदर थानाध्यक्ष को जवाब देने को कहा

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बच्चे की उम्र 9 से 10 साल के बीच आंकी. साथ ही साथ बोर्ड ने बच्चे के ऊपर SC/ST एक्ट लगाने को लेकर हैरानी जताई. जानकारी के मुताबिक, इस केस में पुलिस की तरफ से जो मुकदमा दर्ज किया गया था, उसके कई कॉलम खाली मिले. इसमें किसी भी कॉलम में बच्चे और बड़े आरोपियों की उम्र को नहीं दर्शाया गया था. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बच्चे पर से SC/ST एक्ट हटाने को कहा. साथ ही नवहट्टा थानाध्यक्ष से 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा।

ये SC/ST एक्ट का दुरुपयोग- जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने कहा कि नवहट्टा थानाध्यक्ष से पूरी घटना की जानकारी मांगी गई है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं होगा तो जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पर बात की जाएगी। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने यह भी कहा कि यह सीधा-सीधा SC/ST एक्ट का दुरुपयोग है। वहीं नवहट्टा थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्चों के बीच मारपीट को लेकर आवेदन दिया गया था। मारपीट व गाली गलौज के आरोप थे, जिसे लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हम इसकी जांच कर रहे हैं कि बच्चे के ऊपर SC/ST एक्ट कैसे लग गया?