महाशिवरात्रि को लेकर दुल्हन की तरह सजाया गया पटना, सोमनाथ और विराट रामायण मंदिर होंगे आकर्षण का केंद्र.. देखें फोटोज...
बिहार पटना, ब्यूरो। महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को श्रीश्री महाशिवरात्रि महोत्सव शोभा यात्रा अभिनंदन समिति की ओर से भव्य झांकी निकलेगी। महोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में हैं। खाजपुरा स्थित शिव मंदिर को विभिन्न प्रकार के रंगीन बल्बों से सजाया गया है। शिव बारात में शामिल होने वाले भक्तों का उत्साह चरम पर है।
झांकियों को कलाकार अंतिम रूप देने में लगे हैं। खाजपुरा स्थित मुख्य समारोह स्थल का जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम, पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने निरीक्षण कर महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए।
दुल्हन की तरह सजाया गया फ्लाईओवर
अधिकारियों ने मुख्य मंच का जायजा लिया। समिति के संयोजक डॉ. संजीव चौरसिया ने बताया कि 60 फीट लंबे मुख्य मंच पर सोमनाथ मंदिर और विराट रामायण मंदिर के शिवलिंग की प्रतिकृति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
शिव मंदिर के आसपास एवं फ्लाईओवर को रंग-बिरंगे बल्बों और झालरों से सजाया गया है। फ़्लाई ओवर के नीचे दोनों किनारे पोल पर एलईडी बोर्ड और शिव पताकाएं लगाई गई हैं।
मुख्य समारोह स्थल के पास बैरिकेडिंग की जा रही है। शोभा यात्रा में आए भक्तों को वापस घर पहुंचाने के लिए समिति की ओर से बसों की व्यवस्था की गई है। मुख्य समारोह स्थल के सामने महाप्रसाद के वितरण का इंतजाम किया गया है। श्रद्धालु झांकी का दर्शन करने के बाद महाप्रसाद ग्रहण करेंगे।
विजय राघव मंदिर से निकलेगी भव्य झांकी
महाशिवरात्रि को लेकर शहर के प्रमुख शिवालयों की ओर से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसे लेकर मंदिरों में तैयारी हो रही है। केसरी नगर स्थित श्री विजय राघव मंदिर में दीपोत्सव का आयोजन किया गया।
श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में दीपक जला कर दीपोत्सव मनाए। 1992 में स्थापित मंदिर परिसर में शिवलिंग समेत राम दरबार, पिंडी रूप में काली मां विराजमान हैं।
महाशिवरात्रि को लेकर खाजपुरा स्थित शिव मंदिर को सजाया गया
मंदिर के पुजारी संजय तिवारी ने बताया कि महाशिव रात्रि पर भगवान शिव का विशेष शृंगार व विधि-विधान के साथ पूजन होगा। संध्या काल में शिव का रूद्राभिषेक व भजन-कीर्तन होगा।
शिव को अर्पित वाली वस्तुओं की महत्ता
* गंगाजल: मानसिक अशांति से मुक्ति
* दूध: उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति
* दही: जीवन में स्थिरता, गंभीरता
* घी: पौरुष, बल, बुद्धि, विवेक में वृद्धि
* मधु: वाणी में मधुरता
* गुड़: दुःख, कष्ट व दरिद्रता का ह्रास
* इत्र: मन, कर्म, विचार पवित्र
* केसर: यश, वैभव व सौम्यता में वृद्धि
* भांग: रोग-शोक, कष्ट, नकारात्मक ऊर्जा का नाश
* चंदन: मान-सम्मान, यश-कीर्ति में वृद्धि
* सुगंधित तेल: धन-धान्य में वृद्धि
* धतूरे: संतान सुख
* चावल: धन व सुख-समृद्धि lबिल्वपत्र: चल-अचल संपत्ति ।।