मैं टीआई हूं, ग्वालियर आने तो फिर बताता हूं... वंदे भारत ट्रेन में बैंककर्मी से विवाद, ग्वालियर स्टेशन पर गुंडों से पिटवाया...
भोपाल। वंदे भारत ट्रेन में विवाद, गुंडे बुलाकर मारपीट एक पुलिस अधिकारी द्वारा सहयात्री को पिटवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भोपाल के एक थाने में पदस्थ टीआई ने सीट पर सामान रखने के विवाद में एक बैंककर्मी को जमकर वर्दी की धौंस दिखाकर चमकाया। जब विवाद बड़ा तो 'ग्वालियर आने तो बताता हूं'की धमकी दी और गुंडों को बुलवाकर उन्हें ट्रेन में पिटवाया। मामले में रेल एप पर भी शिकायत की गई थी।
देश की सबसे आधुनिक ट्रेन 'वंदे भारत' में सफर कर रहे यात्री भी सुरक्षित नहीं है। चलती ट्रेन में एक थानेदार साहब ने बाजू वाले यात्री से मामूली बात पर न सिर्फ विवाद किया, बल्कि उसे ग्वालियर स्टेशन पर गुंडे बुलाकर पिटवाया। जीआरपी में शिकायत के बाद फरियादी को लॉकअप में बंद करने की धमकी दी गई और जबरन राजीनामा लिखवा लिया गया। हालांकि थाना प्रभारी गुंडों से पिटवाने और दबाव जैसे आरोपों से इंकार कर रहे हैं।
भोपाल से दिल्ली वाली ट्रेन में हुआ था विवाद
जानकारी अनुसार मामला बीते 16 फरवरी का है। रानी कमलापति स्टेशन से दिल्ली जा रही ट्रेन के C-9 कोच में सीट नंबर 15 पर सफर कर रहे भोपाल में पदस्थ टीआई और उनके बगल में बैठे बैंककर्मी के बीच सामान रखने को लेकर कहासुनी हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन में विवाद इतना बढ़ा कि टीआई ने खुलेआम धमकी दे डाली थी कि, 'मैं ..... थाना प्रभारी हूं और मुरैना का रहने वाला हूं...ग्वालियर आने दो, फिर बताता हूं।'
झांसी में शिकायत, ग्वालियर में हमला
पीड़ित ने बीच सफर में ही 'रेल मदद' एप पर शिकायत दर्ज कराई, जिससे झांसी में जीआरपी के जवान पहुंचे भी थे, लेकिन बैंककर्मी का आरोप है कि टीआई ने ट्रेन के भीतर से ही फोन कर अपने कुछ 'खास' को फोन 4-5 लोगों को लेकर ग्वालियर स्टेशन पहुंचने का बोला था। जैसे ही ट्रेन ग्वालियर पहुंची, स्टेशन पर मौजूद युवकों ने बैंककर्मी के साथ मारपीट शुरू कर दी थी।
जीआरपी ने नहीं की मदद, लॉकअप में बंद करने की दी धमकी
बैंककर्मी ने आरोप लगाते हुए मीडिया को बताया कि जब इस मामले में उसने ग्वालियर जीआरपी में शिकायत करने का प्रयास किया तो वहां उसे मदद मिलने के बजाय डराया-धमकाया गया। आरोप है कि जब पीड़ित शिकायत करने पहुंचा, तो जीआरपी जवानों ने उसकी मदद करने के बजाय उसे ही हवालात में बंद करने की धमकी दी थी। बात में टीआई और जीआरपी ने दबाव डालकर बैंककर्मी से जबरन 'राजीनामा' लिखवाकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया। हालांकि इस मामले में भोपाल में पदस्थ टीआई साफ इंकार कर रहे हैं।