जिस घर में बजनी थी शहनाई, आज उसी घर से निकली चार अर्थियां, शादी वाले घर में पसर गया मातम...
आज यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में हुए हादसे ने शादी वाले घर की खुशियां छीन लीं। जिन दो गांवों में शादी को लेकर तैयारियां चल रही थीं वहा मातम पसर गया। दो सगे भाइयों व चचेरी बहन बहनोई सहित चार की मौत की सूचना मिली तो कोहराम मच गया। बहन-भाई के तिलक समारोह व शादी के सपने पलक झपकते ही दफन हो गए। मरने वाले की बहन का तिलक गुरुवार को ही होना था भाई का तिलक, आठ फरवरी को जाना था।
दरअसल धर्मकुंडा निवासी दो सगे भाई अपने बहन बहनोई के साथ दिल्ली से अपनी वैगन आर कार से घर आ रहे थे। गुरुवार को तड़के सुबह लखीमपुर के गोला के पास एक ट्रक से हुई जोरदार टक्कर में चारों की मौत हो गई। ये अपनी बहन के तिलक समारोह में शामिल होने आ रहे थे। धर्मकुंडा निवासी संतोष सिंह (30) अपने भाई सुनील सिंह (25) व चचेरी बहन सुधा सिंह (25) बहनोई सुनील सिंह (28) के साथ दिल्ली में साथ रहते थे और प्राइवेट नौकरी करते थे। गुरुवार को संतोष सिंह की चचेरी छोटी बहन रीमा सिंह का गुरुवार को तिलक समारोह था। रीमा के माता पिता की छह सात वर्ष पूर्व हो चुकी थी। रीमा की शादी का जिम्मा भी इन्हीं चचेरे भाइयों व परिवार के कंधों पर था।
घर में हो रही थीं तिलक की तैयारियां
भतीजा विशाल सिंह ने बताया कि घर में तिलक की सारी तैयारियां हो चुकी थीं। शिवपुर के बाजपुरवा में तिलक चढ़ाने जाना था। ये सभी बहन का तिलक ले जाने को दिल्ली से घर आ रहे थे। तभी लखीमपुर के गोला के निकट सुबह तड़के किसी ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। जिसमें कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई जिसमें संतोष सिंह भाई मुकेश सिंह बहन सुधा सिंह व बहनोई सुनील सिंह की मौत हो गई है। गांव व परिवार से कई लोग घटना स्थल के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंच चार चार शवों को देख सभी चीख उठे। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत भाई बहन की शादी खुशियां मातम में बदल गईं वहीं पूरे गांव व रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
दो दिन बाद मुकेश का तिलक समारोह था
गुरुवार को गोला के सड़क हादसे में मारे गए धर्मकुंडा निवासी मुकेश सिंह (25) की चचेरी बहन रीमा सिंह के तिलक समारोह के दो दिन बाद आठ फरवरी को मुकेश का भी तिलक आयोजित था। दोनों भाई-बहन की शादियों का परिवार में हर्षोल्लास था। तिलक समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। दोनों की शादियों की तैयारियां जोरों पर थीं। जिस घर में शादी की शहनाइयों का इंतजार था। वह घर परिवार दो भाइयों व बहन बहनोई की मौत के बाद करुण क्रंदन से गूंज उठा।