Home Loan Tax Budget 2026: होम लोन सस्ता हुआ या महंगा? NRI प्रॉपटी निवेश पर बजट से क्या मिली राहत?...
Home Loan Tax Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में रियल एस्टेट और हाउसिंग सेक्टर को लेकर सरकार ने ऐसे फैसले किए हैं, जिनका सीधा असर घर खरीदने वालों, मिडिल क्लास और NRI निवेशकों पर पड़ने वाला है।जहां एक तरफ आम लोगों को किफायती घर उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।
वहीं दूसरी ओर NRI प्रॉपर्टी निवेश को लेकर अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है-Budget 2026 में होम लोन सस्ता हुआ या महंगा?
Home Loan Interest Rate Budget: होम लोन पर क्या बदला?
बजट 2026 में होम लोन की ब्याज दरों में सीधे तौर पर कोई कटौती या बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की गई है। यानी फिलहाल होम लोन न तो सस्ता हुआ है और न ही महंगा। ब्याज दरें पहले की तरह बैंकों और RBI की मौद्रिक नीति पर निर्भर रहेंगी।
हालांकि, सरकार ने यह संकेत जरूर दिए हैं कि अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए आने वाले समय में क्रेडिट फ्लो और हाउसिंग फाइनेंस को आसान बनाया जाएगा। इसका अप्रत्यक्ष फायदा भविष्य में होम लोन लेने वालों को मिल सकता है।
Budget 2026 NRI Property Tax पर सबसे बड़ा बदलाव, नया नियम क्या है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में प्रवासी भारतीयों (NRI Property Investment) के लिए रियल एस्टेट नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार का साफ मकसद है कि किफायती और मिड-सेगमेंट हाउसिंग आम भारतीयों की पहुंच में बनी रहे। यदि कोई NRI भारत में 1 करोड़ रुपये तक की प्रॉपर्टी खरीदता, बेचता या उसे नियमों के खिलाफ लंबे समय तक होल्ड करता है, तो उस पर भारी पेनल्टी लगाई जाएगी। अब 1 करोड़ तक की प्रॉपर्टी के लेन-देन पर विशेष घोषणा पत्र (Declaration) देना अनिवार्य होगा।
अगर प्रॉपर्टी को खाली रखकर स्पेक्युलेशन (सट्टेबाजी) की गई, तो उसकी कीमत का एक हिस्सा जुर्माने के रूप में वसूला जाएगा। सरकार का मानना है कि कई टियर-2 और टियर-3 शहरों में NRI निवेश की वजह से घरों की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया था।
NRI के लिए TDS नियमों में बदलाव के संकेत
बजट में यह भी संकेत दिए गए हैं कि 1 करोड़ रुपये तक की प्रॉपर्टी बेचने पर NRI के लिए TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) की दरों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार चाहती है कि NRI निवेशक लग्जरी और हाई-एंड प्रॉपर्टी में निवेश करें। किफायती और मिड-सेगमेंट हाउसिंग भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध रहे। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
रियल एस्टेट बाजार पर क्या होगा असर?
* रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन फैसलों का असर जल्द ही बाजार में दिख सकता है।
* 1 करोड़ रुपये से कम कीमत वाले फ्लैट्स और मकानों की कीमतों में करेक्शन संभव
टियर-2 और टियर-3 शहरों में मिडिल क्लास के लिए घर खरीदना थोड़ा आसान हो सकता है
* NRI निवेशक अब अपना पैसा कमर्शियल प्रॉपर्टी या लग्जरी सेगमेंट की ओर शिफ्ट कर सकते हैं
मिडिल क्लास के लिए राहत की खबर?
भारत में रहने वाले मध्यम वर्गीय परिवार, जो लंबे समय से अपने घर का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह बजट राहत भरा साबित हो सकता है। NRI निवेशकों से प्रतिस्पर्धा कम होने पर घरों की कीमतों पर दबाव घटेगा और अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा जिससे लंबे समय में होम लोन लेने वालों को बेहतर डील मिल सकती है।