IND vs PAK T20 2026 World Cup: टी20 वर्ल्डकप के इतिहास में भारत ने पाकिस्तान को कितनी बार हराया? जानिए पूरा रिकॉर्ड...
आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होने जा रही है और एक बार फिर भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह है। यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। जबकि फाइनल मुकाबला 8 मार्च को होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मैच 15 फरवरी को कोलंबो में तय है।
टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान की टक्कर
भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत हमेशा से क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता मानी जाती है. टी20 विश्व कप में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 8 मुकाबले खेले जा चुके हैं. इनमें से 6 बार भारत ने जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान को सिर्फ एक मैच में सफलता मिली है. एक मुकाबला टाई रहा था, लेकिन उसमें भी भारत ने बॉल-आउट के जरिए जीत हासिल की थी।
2007 से शुरू हुई कहानी
टी20 विश्व कप 2007 में भारत और पाकिस्तान पहली बार आमने-सामने आए. डरबन में खेला गया यह मैच टाई रहा और फिर बॉल-आउट में भारत ने बाजी मार ली. इसके बाद उसी साल जोहान्सबर्ग में खेले गए फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 रन से हराकर पहला टी20 विश्व कप अपने नाम किया था।
भारत का दबदबा बरकरार
2012 के टी20 विश्व कप में कोलंबो में भारत ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराया. 2014 में ढाका और 2016 में कोलकाता में भी भारत ने आसान जीत दर्ज की. इन मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों का प्रदर्शन पाकिस्तान पर भारी पड़ा था।
पाकिस्तान की इकलौती जीत
2021 के टी20 विश्व कप में दुबई में पाकिस्तान ने इतिहास रचते हुए भारत को 10 विकेट से हराया था. यह पहली बार था जब पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप में भारत को शिकस्त दी. हालांकि यह जीत ज्यादा लंबे समय तक पाकिस्तान को बढ़त नहीं दिला सकी।
भारत की शानदार वापसी
2022 में मेलबर्न में खेले गए रोमांचक मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 4 विकेट से फिर से पटखनी दी. वहीं 2024 के न्यूयॉर्क मैच में भारत ने करीबी मुकाबले में 6 रन से जीत दर्ज की।
2026 में क्या बदलेगा इतिहास?
अब 2026 के टी20 विश्व कप में एक बार फिर दोनों टीमें आमने-सामने होंगी. आंकड़े भारत के पक्ष में जरूर हैं, लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले में रिकॉर्ड से ज्यादा उस दिन का प्रदर्शन मायने रखता है. ऐसे में 15 फरवरी का मुकाबला एक बार फिर क्रिकेट इतिहास का यादगार अध्याय बन सकता है।