जयपुर दरगाह निर्माण विवाद, MLA बालमुकुंद आचार्य और अमीन कागजी में तीखी बहस, लगा अगले आदेश तक काम पर रोक...
राजस्थान राज्य, ब्यूरो। राजधानी जयपुर के चांदपोल इलाक़े में एक पुरानी दरगाह के छत के निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया. मामला इतना बढ़ गया कि इलाके में पुलिस के अतिरिक्त फोर्स को तैनात करना पड़ा. नगर निगम की ओर से दरगाह परिसर के बाहर बरामदे की छत का निर्माण कार्य करवाया जा रहा था.इसके लिए विधायकों से 20 लाख रुपये भी जारी किए गए. इसी को लेकर रविवार (8 फरवरी) को सुबह हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य मौके पर पहुंचे और निर्माण पर आपत्ति जाहिर की. इसके तुरंत बाद स्थानीय विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद माहौल गरमा गया।
विधायक बालमुकुन्दाचार्य और विधायक अमीन कागजी के बीच इस दौरान तीखी बहस हुई, जिसके बाद दोनों ही पक्षों के लोग इकट्ठा होने लगे .एहतियात के तौर पर पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त ज़ाब्ता बुलाया और लोगों से शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की।
विधायक बालमुकुंद आचार्य का क्या आरोप?
बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा, ''पुरातत्व को बचाओ. अजमेरी गेट-घाटगेट पर अवैध निर्माण हो रहे हैं. यहां चांदपोल में बिल्डिंग एक समान रंग में नहीं हैं. सरकारी सब्जी मंडी में 4 बाई 4 का अतिक्रमण है. किशनपोल विधायक ने इसके लिए 20 लाख रुपए भी दिए. परकोटा क्षेत्र की दीवार तोड़कर इसे 400 गज का करने का प्रयास किया जा रहा है, ये गलत है।''
MLA अमीन कागजी ने क्या दिए जवाब?
किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने जवाब देते हुए कहा, ''कांग्रेस सरकार के समय मैंने दो मंदिर बनवाए, उस समय महाराज आप नहीं आए, तब कहां थे? उस समय आपको अवैध निर्माण नहीं दिखा, शर्म नहीं आती क्या? उन्होंने आगे कहा, ''बालमुकुंदाचार्य केवल शहर का अमन चैन और सौहार्द ख़राब करना चाहते हैं, जिन इलाकों में मंदिर की जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं वहां ये क्यों नहीं बोलते?''
कांग्रेस नेता MD चौपदार ने बीजेपी को घेरा
मामले को लेकर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष MD चौपदार का भी बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि जयपुर की पहचान पूरे विश्व भर में शांति और सौहार्द की है. BJP केवल मंदिर मस्जिद की राजनीति करना जानती है. हिंदू मुस्लिम के नाम पर लड़ाने वालों को आम जनता कभी माफ नहीं करेंगी. नगर निगम ने फिलहाल निर्माण कार्य को अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए हैं. साथ ही परकोटे की वॉल से 5 मीटर की दूरी तक अवैध निर्माण को तोड़ने के भी निर्देश है।