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जिस ट्रेन में सवार थे मोहन भागवत, हरदोई में  हुआ पथराव, खिड़की का टूटा कांच; स्टेशन पर भारी सिक्योरिटी के बीच उतरे RSS प्रमुख...

जिस ट्रेन में सवार थे मोहन भागवत, हरदोई में हुआ पथराव, खिड़की का टूटा कांच; स्टेशन पर भारी सिक्योरिटी के बीच उतरे RSS प्रमुख...

वाराणसी से मेरठ जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर गुरुवार दोपहर पत्थरबाजी की घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। घटना में ट्रेन के एक कोच की खिड़की का शीशा चटक गया। ट्रेन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत भी सवार थे। हालांकि राहत की रही कि किसी यात्री को कोई चोट नहीं आई घटना की जानकारी मिलते ही हरदोई जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को संभाला।

ट्रेन संख्या 22489 वाराणसी से मेरठ के लिए दोपहर 1:50 बजे लखनऊ स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर 4) से रवाना हुई थी। हरदोई स्टेशन पार करने के बाद करीब 3:20 बजे चांदमारी और कौड़ा क्षेत्र के बीच तेज रफ्तार से चल रही थी, कि अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंका गया। पत्थर सी-4 कोच की खिड़की पर जोर से लगा, जिससे तेज आवाज के साथ शीशा चटक गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और ट्रेन स्टाफ ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी।

भारी सुरक्षा के बीच मेरठ पहुंचे मोहन भागवत

ट्रेन में RSS प्रमुख मोहन भागवत भी सवार थे, हालांकि वे ई-1 कोच में बताए जा रहे हैं। पत्थरबाजी वाले कोच में वे नहीं थे। संघ प्रमुख पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रेन निर्धारित समय पर मेरठ पहुंची, जहां रात 9 बजे के आसपास वे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उतरे और शताब्दीनगर स्थित माधव कुंज में रात्रि विश्राम किया। यहां वे 20 और 21 फरवरी को दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। 28 जिलों के प्रबुद्धजनों से बातचीत करेंगे। साथ ही खिलाड़ियों से उनके सामाजिक अनुभवों को लेकर बातचीत भी कर सकते हैं।

वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से टूटा कोच का कांच

ट्रेन पर पथराव की सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंची। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि यह शरारती बच्चों की हरकत हो सकती है। ट्रैक के किनारे कौड़ा गांव के पास कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे, जिससे गेंद या पत्थर ट्रेन से टकराया हो सकता है। पुलिस दोनों संभावनाओं बच्चों द्वारा खेलते हुए गेंद लगना या जानबूझकर शरारत की जांच कर रही है।

जांच में जुटी पुलिस

रेलवे और पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया है। रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी को यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ जारी है और जांच के लिए सबूत तलाशे जा रहे हैं।