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T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के पहले बॉयकॉट फिर खेलने पर उमर अब्दुल्ला ने उड़ाया मजाक, कहा-ये सब डर की वजह है...

T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के पहले बॉयकॉट फिर खेलने पर उमर अब्दुल्ला ने उड़ाया मजाक, कहा-ये सब डर की वजह है...

जम्मू। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने टी20 विश्व कप (T20 World Cup) में भारत के साथ खेलने को लेकर मंगलवार को पाकिस्तान का मजाक उड़ाया। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि धमकी देने वालों को अपने वादे पर कायम रहने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।दरअसल बांग्लादेश और श्रीलंका के दबाव में पाकिस्तान सरकार की ओर से टी-20 मैच बॉयकॉट का आह्वान वापस ले लिया गया है। इसके बाद अब कोलंबो में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान का बहुचर्चित मैच तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।

उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में पत्रकारों से कहा कि अब जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने का फैसला कर लिया है, तो मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर आप अपने वादे पर कायम नहीं रह सकते तो धमकी न दें। उन्होंने भारत के खिलाफ मैच न खेलने की धमकी दी थी लेकिन फिर वे डर गए और अपनी धमकी वापस ले ली। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी धमकियों पर अमल करने की हिम्मत नहीं रखते, उन्हें ऐसी धमकियां देनी ही नहीं चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें चुपचाप मैदान में आकर मैच खेलना चाहिए, मैच में जो भी होगा देखा जाएगा

मुख्यमंत्री ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चिंता जताई

उधर, उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को भारत-अमेरिका के बीच हुए हालिया अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर, खासकर राज्य की बागवानी और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते से ड्राई फ्रूट्स, ताजे फल, केसर और डेयरी उत्पादों पर ड्यूटी-फ्री आयात की वजह से स्थानीय उत्पादकों को भारी नुकसान होगा।

एग्रीमेंट से पक्का नुकसान होगा

सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि इस एग्रीमेंट से पक्का नुकसान होगा। ट्री नट्स, ड्राई फ्रूट्स, ताजे फल और डेयरी प्रोडक्ट्स ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट होंगे। जम्मू-कश्मीर में हमारे पास और क्या है? हमारे पास कोई मरीन इंडस्ट्री या सीफूड नहीं है, लेकिन हम अखरोट, बादाम, केसर, सेब, कीवी और अन्य फल देते हैं। अगर ये अमेरिका से ड्यूटी-फ्री आएंगे, तो हमारा स्थानीय उत्पादन प्रभावित होगा। हमें इस डील से कुछ नहीं मिलता, सिर्फ नुकसान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य राज्यों को फायदा हो सकता है या नहीं, लेकिन जम्मू-कश्मीर को कोई लाभ नहीं दिखता।

अमरनाथ यात्रा पर क्या बोले?

अमरनाथ यात्रा के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कभी यात्रा को आसान बनाने में कमी नहीं की। उन्होंने कहा कि कश्मीरी हमेशा तीर्थयात्रियों को कंधों पर उठाकर गुफा तक ले जाते रहे हैं। कश्मीरियों के बिना यात्रा मुमकिन नहीं है। हम जमीन बचाने और सुविधाएं देने में प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि हाल के बजट में अमरनाथ यात्रा के लिए 180 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसमें बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार शामिल हैं।