यूपी में 24 घंटे में हुई दो मर्डर, वाराणसी में छात्र और मथुरा में गौ रक्षक संत की हुई हत्या, योगी ने कहा- आरोपियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई
लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में कानून का राज है, समाजवादी पार्टी के शासन में जंगलराज था. यह दावा प्रदेश के मुख्यमंत्री हर दिन करते हैं. परंतु बीते चौबीस घंटे के भीतर हुई दो सनसनीखेज हत्याओं ने सरकार के दावों को बैकफुट पर ला दिया है। इनमें पहली घटना वाराणसी के यूपी कालेज (उदय प्रताप कालेज) में शुक्रवार को प्रिंसिपल के सामने एक छात्र गोली मारने ही हुई. जबकि दूसरी घटना शनिवार तड़के करीब चार बजे भोर को मथुरा के प्रसिद्ध गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की हत्या किए जाने ही हुई।
इस दोनों सूबे की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने सरेआम हुई इस घटनाओं को लेकर योगी सरकार को घेरा. सपा नेताओं का कहना है कि जब ईद को लेकर पूरे प्रदेश में पुलिस अलर्ट मोड पर थी तो कैसे एक प्रिंसिपल के सामने एक उसके कालेज के छात्र को गोलियों से भून डाला गया और एक बाबा की जान ले ली गई।
सपा नेताओं के ऐसे आरोपों के सामने आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दोनों घटनाओं का संज्ञान लेते हुए इन घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. यह भी कहा है कि कानून हाथ में लेने वाले और गौ तस्करी जैसे संगीन अपराध में शामिल अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इन हत्याओं से सरकार परेशान
मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद सूबे के कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्णा खुद इन दोनों संगीन अपराधों के आरोपियों को पकड़े के लिए पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की रिपोर्ट लेने में जुट गए हैं. ईद के दिन वह वाराणसी और मथुरा के पुलिस अफसरों को निर्देश दे रहे हैं. डीजीपी कार्यालय के अफसरों के अनुसार, शुक्रवार को वाराणसी के उदय प्रताप कालेज (यूपी कालेज) में बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की कालेज में ही पढ़ रहे मनजीत सिंह ने प्रिंसिपल के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी।
मनजीत सिंह ने सूर्य प्रताप सिंह के सीने, कनपटी, सिर और पेट में कुल आठ गोलियां मारी. इसके बाद मनजीत सिंह और उसके साथी पिस्टल फेंक कर भाग गए. पुलिस इस मामले में मनजीत सिंह को गिरफ्तार कर उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही हैं. सूर्य प्रताप सिंह की हत्या में प्रयोग की गई पिस्टल भी पुलिस ने बरामद कर ली है. जबकि दूसरी घटना मथुरा की है।
मथुरा के प्रसिद्ध गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की शनिवार तड़के करीब चार बजे हत्या किए जाने से संबंधित है. बताया जा रहा है कि फरसा वाले बाबा को इलाके में गौ तस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी. वे अपनी मोटरसाइकिल से संदिग्धों का पीछा करने निकले थे. आरोप है कि नवीपुर गांव के पास तस्करों ने उन्हें रुकने के बजाय गाड़ी से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना के बाद मथुरा के छाता क्षेत्र में स्थिति विस्फोटक हो गई. आक्रोशित गौरक्षकों और समर्थकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर घंटों जाम लगाए रखा और पुलिस पर पथराव भी किया. पुलिस को स्थिति नियंत्रण में करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. फिलहाल मौके पर अभी भारी पुलिस बल तैनात है. इस हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी मुस्लिम युवक को पकड़ा है जबकि मौके से फरार तीन लोगो ली तलाश की जा रही है।
जल्दी ही पकड़े जाएंगे आरोपी : डीजीपी
डीजीपी कार्यालय के अफसरों का कहना है कि मथुरा मेंसीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. पकड़े गए युवक से पुलिस पूछताछ कर रही है, जिससे फरार हत्यारों के सुराग मिलने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी और गौ तस्करों ने जानबूझकर संत को निशाना बनाया. वाराणसी में भी फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए दविश दी जा रही है।
दोनों ही जिलों में हुई हत्या की इन घटनाओं को लेकर शासन की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ फरार आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने की है. जल्दी ही आरोपी पकड़े जाएंगे, सूबे के कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्णा ने दावा किया है।