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500 ₹ की फ्री PNG GAS, सिक्योरिटी फीस भी अब माफ है, LPG किल्लत के बीच पीएनजी पर सरकार का हुआ बड़ा ऐलान...

500 ₹ की फ्री PNG GAS, सिक्योरिटी फीस भी अब माफ है, LPG किल्लत के बीच पीएनजी पर सरकार का हुआ बड़ा ऐलान...

नईदिल्ली ब्यूरो। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है. भारतीय पेट्रोलियम संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि भारत सरकार पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी को मद्देनजर रखते हुए तेल कंपनियों ने पीएनजी सप्लाई के लिए सिक्योरिटी फीस तक माफ कर दी है. इतना ही दिल्ली में सड़क बहाली शुल्क तक माफ करने के आदेश जारी कर दिया गया हैं।

पाइपलाइनें 24 घंटे दिन रात बिछाई जा रही हैं. इसके साथ ही सुजाता शर्मा ने एक और बड़ा ऐलान किया है. सुजाता शर्मा ने कहा है कि कंपनियों ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए 500 रुपये तक की मु्फ्त गैस और सिक्योरिटी फीस माफ करने की घोषणा की है. ये कदम पीएनजी कनेक्शन की संख्या में बढ़ोतरी लाने के लिए उठाया गया हैं।

गौर करने वाली बात ये है कि नए पीएनजी पर सिक्योरिटी माफ और 500 रुपये की फ्री गैस केवल 31 मार्च तक कनेक्शन लेने वाले को दिया जाएगा. एलपीजी किल्लत पर उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई में किसी भी तरह को कोई कमी नहीं है. कालाबाजारी पर भी लगाम लगाई जा रही है. जिसके तरह कई राज्यों में 24 मार्च को छापेमारी की गई. इस छापेमारी में 2000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

वह आगे कहती है कि सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें. एलपीजी की सप्‍लाई पर्याप्‍त है. पेट्रोल डीजल को लेकर उन्‍होंने कहा कि रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं. भारत के पास कुल 26 करोड़ टन रिफाइनिंग क्षमता है।

बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से और उनके एक शिष्य पर नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं. प्रयागराज की एक विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को आदेश दिया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए. इस मामले की शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अदालत में की थी. अदालत में कथित पीड़ित नाबालिगों के बयान दर्ज किए गए और कुछ सबूत भी पेश किए गए, जिसके बाद अदालत ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाना में FIR दर्ज की गई और जांच शुरू हुई. आरोप यह भी है कि पिछले एक साल के दौरान दो लोगों के साथ कथित यौन उत्पीड़न हुआ. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO एक्ट की कई धाराओं के तहत जांच की जा रही है।