' अरे साहब ! शादी के 60 साल हो गए, फिर भी.', कानपुर में 88 साल के पति की शिकायत लेकर DM के पास पहुंची पत्नी, फिर क्या हुआ जानें...
रिश्तों की डोर कभी-कभी उम्र के आखिरी पड़ाव पर आकर भी डगमगाने लगती है। उत्तर प्रदेश के कानपुर कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। जहां एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपने 88 वर्षीय पति की शिकायत लेकर जिलाधिकारी (DM) के पास पहुंच गईं. मामला मारपीट, अनदेखी और 40 हजार रुपये की पेंशन से जुड़ा था।
पुरवा निवासी राजरानी (85) जब कलेक्ट्रेट पहुंचीं, तो सबकी निगाहें उन्हीं पर टिक गईं. उन्होंने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनकी शादी 60 साल पहले शिवराम (88) से हुई थी. शिवराम रक्षा मंत्रालय से रिटायर हैं और उन्हें हर महीने करीब 40 हजार रुपये पेंशन मिलती है।
राजरानी का आरोप था कि इतनी अच्छी पेंशन होने के बावजूद शिवराम उनकी दवाओं और इलाज पर ध्यान नहीं देते. बुजुर्ग महिला ने रुआंसे स्वर में कहा, “साहब! इस उम्र में वे मेरा ख्याल रखने के बजाय अभद्रता करते हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।”
मेडिकल स्टोर मालिक पर लगाया आरोप
बुजुर्ग महिला ने एक अजीबोगरीब दावा भी किया. उन्होंने DM को बताया कि उनके घर के पास ही एक मेडिकल स्टोर संचालक है, जिसके बहकावे में आकर उनके पति यह सब करते हैं. राजरानी के अनुसार, उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं, सभी विवाहित और अपने जीवन में व्यवस्थित हैं, लेकिन पति-पत्नी के बीच का यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था।
घर पहुंचकर कराया समझौता
मामले की गंभीरता और बुजुर्गों की उम्र को देखते हुए DM ने तुरंत जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) विकास सिंह को मौके पर भेजा। अधिकारी जब बर्रा-दो स्थित उनके घर पहुंचे, तो पाया कि वृद्धावस्था के कारण शिवराम का स्वभाव कुछ चिड़चिड़ा (बदमिजाज) हो गया है। टीम ने शिवराम को प्यार से समझाया और राजरानी को उनके बैंक की चेकबुक और पासबुक वापस दिलाई, ताकि वे अपनी जरूरतों के लिए पैसों का इस्तेमाल कर सकें। काफी देर की बातचीत के बाद दोनों बुजुर्गों के बीच कड़वाहट कम हुई और उन्होंने फिर से प्रेमपूर्वक साथ रहने पर सहमति जताई।