ईद से ठीक पहले पाकिस्तान ने तोड़ा सीजफायर! अफगानिस्तान के कुनार प्रांत पर लगातार बरसाए 72 गोले...
नई दिल्ली। ईद-उल-फितर के मौके पर घोषित अस्थायी सीजफायर के बावजूद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. अफगानिस्तान ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना ने कुनार प्रांत में गोले दागे, जिससे सीजफायर का उल्लंघन हुआ.यह घटना ईद से ठीक पहले हुई, जब दोनों देशों ने लड़ाई रोकने का फैसला किया था।
सीजफायर की घोषणा और उल्लंघन
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारार ने बताया था कि ईद के लिए 18/19 मार्च की आधी रात से 23/24 मार्च तक अस्थायी विराम रहेगा. यह फैसला सऊदी अरब, कतर और तुर्की के अनुरोध पर लिया गया. अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने भी कहा कि वे रक्षात्मक कार्रवाई रोकेंगे, लेकिन खतरे पर जवाब देंगे, लेकिन कुनार प्रांत में पाकिस्तानी सेना ने 70 से ज्यादा गोले दागे।
कुनार के सूचना प्रमुख ज़िया-उर-रहमान स्पिन घर ने कहा कि नराई जिले के डोकालाम, बारिकोट और सोंगालाई इलाकों में 35 गोले गिरे, जबकि मनोगाई जिले में 37 गोले दागे गए. अभी भी कुछ इलाकों में गोलाबारी जारी है. अफगान पक्ष का आरोप है कि ये हमले उन नागरिकों पर हो रहे हैं जो घर लौट रहे हैं. अभी तक किसी मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
ऑपरेशन गजब-लिल-हक की पृष्ठभूमि
यह तनाव फरवरी 2026 से चल रहे पाकिस्तान के 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' से जुड़ा है. पाकिस्तान का कहना है कि इस अभियान में उन्होंने अफगान तालिबान के कई ठिकाने नष्ट किए. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने दावा किया कि 700 से ज्यादा तालिबान लड़ाके मारे गए और कई घायल हुए।
उन्होंने कहा कि दक्षिण वजीरिस्तान में बड़े हमले हुए, जहां हथियारों के गोदाम और ड्रोन ठिकाने थे. पाकिस्तान ने 225 चौकियां नष्ट कीं और 44 पर कब्जा किया. पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान लड़ाके आम लोगों जैसे कपड़े पहनकर हमला करते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल होता है. अफगानिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की और सीमा पर हमले किए।
दोनों पक्षों की स्थिति
सीजफायर के बावजूद कुनार में गोलाबारी से साफ है कि तनाव कम नहीं हुआ। अफगानिस्तान इसे सीजफायर का उल्लंघन बता रहा है, जबकि पाकिस्तान पहले से चेतावनी दे चुका है कि सीमा पार हमला होने पर कार्रवाई होगी. ईद के दौरान यह घटना दोनों देशों के बीच शांति की उम्मीदों पर पानी फेर रही है. स्थानीय लोग डर में हैं और सीमा क्षेत्र में स्थिति नाजुक बनी हुई है।