खाड़ी में जंग: पश्चिमी यूपी की धड़कनें तेज, दुबई से कतर और ईरान तक हजारों परिवारों की सांसे हैं अटकी, पीएम मोदी से लगा रहे गुहार...
रिपोर्ट, मेरठ/हापुड़/बिजनौर/बुलंदशहर: ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुई जंग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। दुबई, कतर, बहरीन, सऊदी अरब और ईरान में काम कर रहे लोगों से संपर्क टूटने और उड़ानों के प्रभावित होने से परिजन दहशत में हैं। कई जगहों से मिसाइलों की आवाजें सुनाई देने और एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद होने की खबरों ने बेचैनी और बढ़ा दी है।
मेरठ के मवाना और भोडूपुर के कई परिवारों के सदस्य सऊदी अरब में नौकरी कर रहे हैं। अब्दुल सलाम के पांच बेटे वहीं कार्यरत हैं। अप्रैल में परिवार में शादी है, लेकिन हवाई सेवाओं में व्यवधान के कारण आने-जाने की योजनाएं अधर में लटक गई हैं। हसीन अहमद और आसिफ जैसे कई अभिभावक रोज फोन पर हाल-चाल ले रहे हैं। कंपनियों की ओर से फिलहाल काम जारी रखने के निर्देश हैं, पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पत्नी के साथ दुबई में फंसे मेरठ के राजा सलूजा
मेरठ के थापर नगर निवासी राजा सलूजा पत्नी के साथ दुबई गए थे। वापसी की फ्लाइट रद्द होने पर एयरलाइंस ने उन्हें होटल में ठहराया है, लेकिन परिजन लगातार मिसाइल हमलों की खबरों से चिंतित हैं।
अबूधाबी में खलिक चौधरी ने बताया-यहां से एयरबेस 100 किमी दूर
हापुड़ निवासी इमरान, जो कतर में इलेक्ट्रिक इंजीनियर हैं, ने फोन पर बताया कि देर रात से सुबह तक लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। सरकार एडवाइजरी जारी कर रही है, फिलहाल हम सुरक्षित हैं, लेकिन आगे कब क्या हो जाए, यही डर सता रहा है। उधर, अबूधाबी में रह रहे खलिक चौधरी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनके घर से एयरबेस करीब 100 किमी दूर है और शहर में जनजीवन सामान्य है।
दुबई एयरपोर्ट पर फंसी हैं बिजनौर की सायमा
बिजनौर की सायमा दुबई एयरपोर्ट पर फंसी हैं। उनकी भारत वापसी की फ्लाइट अचानक रद्द हो गई। परिवार के अनुसार, हालात बिगड़ने के कारण उड़ान टल गई और अब नई तारीख का इंतजार है। इसी तरह ईरान के कुम शहर में रह रहे मीरापुर के मौलाना आबिद रजा और अब्दुल्लापुर की फातिमा से दोपहर तक बात हुई थी। उन्होंने हालात सामान्य बताए, लेकिन उसके बाद फोन बंद हो गया। संपर्क टूटने से परिवारों की सांसें अटकी हैं।
ईरान में फंसे हैं बुलंदशहर से पढ़ने गए चार छात्र
बुलंदशहर के जहांगीराबाद क्षेत्र के चार छात्र ईरान में फंसे हैं। परिजनों के मुताबिक, इंटरनेट पर पाबंदी की आशंका जताई गई थी और अब संपर्क नहीं हो पा रहा। कुल मिलाकर, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का सीधा असर पश्चिमी यूपी के अन्य कई जिलों के सैकड़ों-हजारों परिवारों पर पड़ा है। सरकार की एडवाइजरी और दूतावासों की सक्रियता के बावजूद परिजन हर फोन कॉल पर दुआ और उम्मीद के साथ जुड़े हैं कि उनके अपने वतन सुरक्षित लौट आएं।