गाजियाबाद में लंबित चल रहे स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस मिलने शुरू, वाहन मालिकों और ड्राइवरों को मिली बड़ी राहत...
गाजियाबाद। जिले में लंबे समय से लंबित पड़े स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में अब राहत मिलने लगी है। चार माह से वाहन स्वामियों तक लाइसेंस न पहुंचने की समस्या को लेकर मीडिया वह समाचार पत्र ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग ने संज्ञान लेते हुए शासन स्तर पर समस्या को रखा। जिसके बाद लंबित लाइसेंसों की प्रिंटिंग व डिस्पैच प्रक्रिया में तेजी लाई गई। इसके चलते अब आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस मिलने शुरू हो गए हैं।
जिले में अब केवल 1785 स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस लंबित है। जबकि जनवरी माह में यह आंकड़ा 4,718 था। दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर में बताया गया था कि अगस्त 2025 से चार माह की अवधि में 4,718 स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस वाहन स्वामियों तक नहीं पहुंच सके थे।
लाइसेंस न मिलने के कारण आवेदकों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे और उनमें नाराजगी बढ़ रही थी। बड़ी संख्या में लोगों ने आइजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायतें दर्ज कराई थीं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आरटीओ कार्यालय की ओर से शासन को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया गया था। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंसों की प्रिंटिंग और डिस्पैच कार्य में तेजी लाई गई है।
एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कई आवेदकों के पते पर स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस पहुंचने शुरू हो गए हैं, जिससे वाहन स्वामियों को राहत मिल रही है।
उन्होंने बताया कि शेष लंबित लाइसेंसों की प्रिंटिंग और वितरण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है, ताकि जल्द ही सभी आवेदकों को उनका ड्राइविंग लाइसेंस मिल सके।