वाराणसी में अल्लाह की बारगाह पर झुके हजारों सिर, चहुंओर छलकीं ईद की खुशियां, नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को बधाईयां दी...
ब्यूरो वाराणसी, 21मार्च। पाक रमजानुल मुबारक के रोजों का शवाब मिला। रोजेदारों की नेकियों के बदले अल्लाह-त-आला ने बिरादाने इस्लाम के बंदों के लिए खुशी का सबसे बड़ा त्योहार ईद-उल-फितर अता किया। अल्लाह की मेहरबानी व रहमो-करम की खातिर शुकराने की नमाज अदा करने के लिए नबी के बंदे जिले भर की ईदगाहों, मस्जिदों में उमड़ पड़े।
अल्लाह की बारगाह पर एक साथ लाखों सिर झुके। सबने अमनो-अमान व तरक्की की दुआएं मांगी। बाद ए नमाज सबने गरीब-गुरबा, यतीमों, दुखियारों में सदके व फितरे बांटे। पेश इमाम साहबान ने खुत्बा करते हुए रमजान के राेजों, नमाज, जकात, हज सभी पांच फर्जियात की फजीलत बयान की। इसके बाद सभी एक-दूसरे के गले मिले और ईद की मुबारकबाद दी। घरों को लौटने के बाद मीठी सिंवइयों, शाही टुकड़े आदि लजीज व्यंजनों की दावतों का दौर शुरू हुआ। मुस्लिम बहुल इलाकों में लोग एक-दूसरे के घर जाकर ईद की मुबारकबाद देने में लगे रहे।
मुस्लिम बहुल इलाकों में सुबह से ही चहल-पहल रही। अल सुबह ही सभी गुस्लो फरागत के बाद झक सफेद कपड़े पहन जब ईदगाहों व मस्जिदों की जानिब चले तो पूरे रास्ते इत्र की खुशबू फैल गई। बड़ों के साथ बच्चे भी अंगुली पकड़ ईदगाह पहुंचे। वहां लगी सफ में सबने बिना किसी छोटे-बड़े के भेद के एक साथ नमाज अदा की। इधर खवातीनों ने घरों में ईद की खास नमाज अदा की।
ज्ञानवापी में भी हजारों ने अदा की नमाज
ज्ञानवापी मस्जिद में भी हजारों नमाजियों ने पारंपरिक रूप से ईद की नमाज अदा की। इस दौरान सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था रही। सभी नमाजियों एक कतार से गेट नंबर चार से प्रवेश दिया गया।
जामा मस्जिद भर जाने पर सीढ़ियों पर पढ़ी नमाज
नदेसर स्थित जामा मस्जिद में नमाजियों की संख्या ज्यादा हो जाने पर जब मस्जिद भर गई तो बाद में पहुंचे लोग मस्जिद की सीढ़ियों पर नमाज अदा करते देखे गए लेकिन नियमों का पालन करते हुए कहींं भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सुरक्षा के दृष्टिकोण से हर नुक्कड़ व मस्जिदों के सामने पुलिस तैनात रही। आला अधिकारी चक्रमण करते रहे।