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अलीगढ़ जिले में फायरिंग करने वालों का पुलिस ने कर दिया 'इलाज', जीप से लंगड़ाते हुए निकला भाजयुमो नेता का गैंग...

अलीगढ़ जिले में फायरिंग करने वालों का पुलिस ने कर दिया 'इलाज', जीप से लंगड़ाते हुए निकला भाजयुमो नेता का गैंग...

यूपी के अलीगढ़ में भाजयुमो नेताओं के दो गुटों में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने भाजयुमो नेता हर्षद हिन्दू समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने देररात दबिश देकर आरोपियों को नोएडा बॉर्डर से दबोचा। पुलिस ने रातभर में गिरफ्तार सभी आरोपियों की हेकड़ी निकाल दी। सुबह पुलिस जब सभी आरोपियों को लेकर थाने पहुंची तो जीप से निकलते ही लंगड़ाने लगे और हाथ जोड़ते नजर आए। आरोपियों का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर व एनएसए की भी कार्रवाई होगी।

क्या था पूरा मामला

गुरुवार रात को बन्नादेवी क्षेत्र के सराय हकीम निवासी हर्षद हिंदू व सासनीगेट क्षेत्र के रहने वाले शशांक पंडित के गुटों के बीच विवाद हुआ था। कई माह से दोनों के बीच किसी न किसी बात पर वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। बुधवार को हर्षद ने सोशल मीडिया पर एक गाने का स्टेटस लगाया था। इस पर दूसरे गुट के मोहित शर्मा की हर्षद से गालीगलौज हो गई थी। इसमें गुरुवार को हर्षद गुट ने मोहित को पीट दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर फायरिंग हुई थी। इसमें हर्षद गुट के शानू, शशांक गुट के आयुष शर्मा के अलावा सिविल लाइन क्षेत्र निवासी शोएब को गोली लग गई। पुलिस की ओर से हर्षद हिंदू, यश गोयल, अमन पंडित, प्रिंस गोयल, शशांक पंडित, मोहित शर्मा, अनुराग ठाकुर, हनी शिवाजी, योगी यशनंदन, हमजा, मन्नू पंडित, प्रखर राठी व 10-12 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें फायरिंग समेत सीएलए एक्ट की धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने दबिश देकर हर्षद, यश, मयंक ठाकुर, योगेंद्र, प्रफुल्ल पंडित, नमन, गौरव व आयुष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
कई महीने से पनप रही थी दोनों गुटों के बीच रंजिश

बन्नादेवी क्षेत्र में भाजयुमो नेताओं के गुटों में हुआ विवाद अचानक नहीं हुआ। बल्कि इसके पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के साथ वर्चस्व की भी लड़ाई भी सामने आ रही है। हर्षद व शशांक अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं। दोनों में युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनने की भी होड़ है। इसीलिए कई माह से पनप रही रंजिश व वर्चस्व कायम करने में सरेराह घटना की गई। पुलिस के अनुसार घायल मोहित पूर्व में हर्षद गुट में था। बाद में शशांक गुट में शामिल हो गया। दोनों गुटों में शामिल कुछ लोग अवैध गतिविधियों, कार्यों व चौथ वसूली में भी शामिल रहते हैं, जिसे लेकर अक्सर टशनबाजी होती है।

बात थाने तक पहुंचती है तो राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद विवाद का निपटारा करा दिया जाता है। इसी लड़ाई में दोनों के बीच धीरे-धीरे रंजिश पनपती गई। इसीलिए घटना के काफी देर तक दोनों पक्षों में किसी ने पुलिस को कुछ भी खुलकर नहीं बताया। मोहित का कहना था कि हर्षद व उसके साथियों ने उसे पीट दिया था। वह शशांक पंडित, यश गोयल व अन्य के साथ इसी मामले की तहरीर लेकर थाने जा रहा था, मगर रास्ते में उसे फिर से घेर लिया गया और फायरिंग कर दी। उधर, हर्षद पक्ष का कहना है कि एक दिन पहले मोहित ने गालीगलौज की थी। हालांकि बाद में उसने आकर माफी मांगी और विवाद का निपटारा हो गया था। लेकिन, इसके बाद ही अचानक आए हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाते हुए पिस्टलों से फायरिंग की। पथराव भी किया।

राहगीर को गोली लगना बताया, निकला हिस्ट्रीशीटर

शानू को सीने के पास, आयुष को पैर व शोएब के पेट में गोली लगी है। तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां एसपी सिटी के अलावा सीओ तृतीय सर्वम सिंह व दो थानों का पुलिस बल पहुंच गया। तीनों की हालत खतरे से बाहर है। पूछताछ में घायलों व उनके साथ आए लोगों ने पुलिस को किसी भी तरह जानकारी होने से इन्कार कर दिया। वहीं, बताया जा रहा है कि शोएब राहगीर है, जो वहां से गुजर रहा था। लेकिन, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस के अनुसार शोएब सिविल लाइन थाने का हिस्ट्रीशीटर है।