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नैनीताल का यह नयना देवी मंदिर: देश-विदेश के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र...

नैनीताल का यह नयना देवी मंदिर: देश-विदेश के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र...

उत्तराखंड केसरी न्यूज 24 ब्यूरो, नैनीताल। शहर के मल्लीताल स्थित नयना देवी मंदिर शहर ही नहीं देश विदेश के भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। नवरात्र में शहर समेत ग्रामीणों व देश विदेश के पर्यटक भी मां के दर्शन को पहुंचते है। नौ दिनों तक विशेष धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं का यहां ताता लगा रहता है। शक्तिपीठ के रुप में मान्यता रखने वाले नयना देवी मंदिर को अब मानसखंड मंदिर माला मिशन में भी सम्मिलित किया गया है।

मंदिर का इतिहास

उन्नीसवीं शताब्दी में शहर निवासी मोती लाल साह ने झील किनारे बोट हाउस क्लब के समीप मां नयना देवी का मंदिर बनवाया था। 1880 के भूस्खलन में मंदिर नष्ट हो गया। बताया जाता है कि मोती लाल साह के बेटे अमरनाथ साह को मां ने स्वप्न में दर्शन देकर वह स्थान बताया जहां मां की मूर्ति दबी थी, जिसके बाद उन्होंने वर्तमान स्थल पर मंदिर का निर्माण शुरू करवाया था जो 1883 में बनकर पूरा हुआ। जिसके बाद उनके स्वजन मंदिर की देखरेख करते थे। 1984 में मां नयना देवी मंदिर अमर उदय ट्रस्ट का गठन कर मंदिर की व्यवस्थाएं ट्रस्ट के हाथाें आ गई।

मंदिर की मान्यता

नयना देवी मंदिर से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था जुड़ी हुई है। मान्यता है कि मां उसके दर पर आने वाले हर श्रद्धालु की मुराद पूरी करती है। पहले नवरात्र के साथ ही अष्टमी व नवमी को शहर के तमाम श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना को पहुंचते है। मंदिर परिसर के समीप ही कन्या पूजन व अन्य धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न किये जाते है। जिसमें विशेष रुप से नारियल का चढ़ावा किया जाता है।

ये है मंदिर की विशेषता

नयना देवी मदिंर में शरदीय नवरात्र में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते है। नौ दिनों तक धार्मिक अनुष्ठानों के बाद एकादशी को मां नयना देवी का मंदिर परिसर से भव्य डोला निकाला जाता है। पूरे शहर में भ्रमण के बाद देर शाम झील के दूसरे झोर पर मां नयना देवी की मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है। जिसमें शहर ही नहीं देश विदेश से भी श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते है।

'मां नयना देवी नैनीताल के स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही पर्यटकों की भी आस्था व श्रद्धा का केंद्र है। यहां पूजा अर्चना करने से भक्तों की हर मुराद पूरी होती है। वर्ष भर में विभिन्न धार्मिक पर्वो के अलावा विशेष अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किये जाते है। 
- बसंत बल्लभ पांडे, मुख्य पुजारी नयना देवी मंदिर।'

'मां नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती जा रही है। मानसखंड योजना के तहत मंदिर परिसर का विस्तार व सुंदरीकरण किया जा रहा है। मंदिर में देश विदेश से लाखों भक्तजन हर साल आते हैं। मुख्य पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। 
- सुरेश मेलकानी, प्रशासनिक अधिकारी मंदिर ट्रस्ट।'