बदायूं डबल मर्डर मामले में CM योगी ने दिखाई सख्ती: SSP के बाद अब CO भी हटाए गए, वहीं आरोपी की दुकानें होंगी जमींदोज...
बदायूं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में दोहरे हत्याकांड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार शाम को उन्होंने मंडलायुक्त भूपेंद्र एस.चौधरी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने के आदेश दे दिए।
उसी समय प्रशासन की टीम हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह की अवैध दुकानों की नापजोख कर थी, जोकि ध्वस्त की जाएंगी। इसके कुछ देर बाद शासन ने दातागंज के सीओ देवेंद्र कुमार पचौरी को जिले से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, लखनऊ भेज दिया गया। उनके स्थान पर यूपी 112, लखनऊ से राहुल पांडेय को भेजा गया है। प्लांट में पुलिस चौकी भी बना दी गई।
सैजनी गांव स्थित कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता एवं सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या कर दी थी। प्लांट में कई विवाद कर चुके आरोपित अजय प्रताप सिंह ने पराली का ठेका व नौकरी खत्म होने पर घटना की, उसे जेल भेजा जा चुका। इस प्रकरण में लापरवाही एवं ढिलाई पर शासन ने शुक्रवार रात को डॉ. बृजेश सिंह को बदायूं एसएसपी पद से हटाकर लखनऊ भेज दिया।
शनिवार को मुख्यमंत्री के एक्स हैंडल पर संदेश लिखा गया कि आरोपित पहले ही गिरफ्तार है। इसके बाद भी साजिश की कोई संभावना दिखती है तो जीरो टालरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीबीजी प्लांट की सुरक्षा सुदृढ़ करने के लिए पुलिस चौकी बना दी गई है।
दूसरी ओर, प्रशासन ने हत्यारोपित अजय प्रताप की संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू कर दी। दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कुछ महीने पहले अजय प्रताप ने सैजनी-हजरतपुर मार्ग पर छह दुकानें बनाई थीं। यह भूमि उसके पिता के नाम है।
उस निर्माण में लोक निर्माण विभाग की भूमि का हिस्सा भी कब्जाया गया, जिसकी जांच चल रही थी। इसी के अंतर्गत शनिवार शाम को मौके पर पहुंचे लेखपालों व लोक निर्माण विभाग की टीम ने जांच पूरी कर ली है। इसमें पता चला कि उसने बिना मानचित्र निर्माण कराया, सरकारी जमीन का हिस्सा भी कब्जा लिया। अब लोक निर्माण विभाग नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण कराएगा। पैमाइश के बाद दुकानें खाली करा ली गई हैं।
हर्षित के पिता बोले, सीबीआई जांच हो
हर्षित मिश्र पूरनपुर निवासी थे। शनिवार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव उनके घर पुहंचे। हर्षित के पिता सुशील मिश्रा ने आरोप लगाया कि घटनास्थल से भागे तीन अधिकारियों की संलिप्तता थी। प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए। हर्षित का मोबाइल फोन व लैपटॉप अब तक नहीं मिला, उसे दिलाया जाए।