गाजियाबाद में ISI का फैला खौफनाक जाल !! 5 नाबालिगों समेत 9 जासूस दबोचे, अडानी-अंबानी के घर भी थे उनके निशाने पर...
Ghaziabad News: गाजियाबाद पुलिस ने देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके कारनामे सुनकर सुरक्षा एजेंसियां भी दंग हैं। शुक्रवार को पुलिस ने इस जासूसी कांड में 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 5 नाबालिग शामिल हैं।इसके साथ ही इस सनसनीखेज मामले में पकड़े गए संदिग्धों की कुल संख्या अब 15 हो गई है। यह गिरोह न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों-अडानी और अंबानी के आवासों की रेकी कर उनके वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान भेज रहा था।
जांच में शॉकिंग खुलासा
जांच में यह 'शॉकिंग' खुलासा हुआ है कि इस ग्रुप ने दिल्ली-एनसीआर और मुंबई की संवेदनशील लोकेशंस पर नजर रखने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले (Solar-powered) और सिम-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सोनीपत रेलवे स्टेशन से एक ऐसा कैमरा हटाया गया, जबकि इससे पहले दिल्ली कैंट स्टेशन से भी एक डिवाइस जब्त की गई थी।
अतिरिक्त सीपी राज करण नय्यर ने TOI को बताया कि इस गिरोह के दो मुख्य आयोजक, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर (दोनों बिहार निवासी), फिलहाल फरार हैं। पुलिस के अनुसार, ये जासूस पाकिस्तान के एक वॉट्सऐप नंबर पर फोटो और वीडियो भेजते थे, जिसके बदले उन्हें UPI के जरिए भुगतान किया जाता था।
अडानी-अंबानी के घर और मुंबई पोर्ट भी निशाने पर
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह ने सैन्य ठिकानों के अलावा उद्योगपति अडानी और अंबानी के आवासों की सटीक लोकेशन और वीडियो भी पाकिस्तान भेजे थे। गिरफ्तार आरोपी दुर्गेश निषाद, जो नवी मुंबई में ट्रक चलाता था, उसने मुंबई पोर्ट की रेकी कर वहां के वीडियो सीमा पार भेजे। सुरक्षा एजेंसियां इसे 26/11 जैसे समुद्री हमले की साजिश के कोण से भी देख रही हैं।
पकड़े गए नाबालिगों की उम्र 15 से 17 साल के बीच है, जिनमें एक नौवीं कक्षा का छात्र भी शामिल है। पुलिस ने इनके पास से 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं। ये आरोपी पाकिस्तानी नंबर के अलावा मलेशियाई और यूके के वर्चुअल नंबरों के जरिए अपने 'आका' से संपर्क में थे।
जालंधर को दहलाने की थी साजिश
रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ में एक और डरावना सच सामने आया है। आरोपी सुहैल मलिक उर्फ रोमियो ने कुबूल किया कि दिल्ली के बाद उनका अगला निशाना जालंधर शहर था। हालांकि, एक निजी कारण (अपनी प्रेमिका से मिलने हिमाचल जाना) की वजह से वह जालंधर नहीं पहुंच सका, जिससे एक बड़ा आतंकी हमला टल गया। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस गिरोह का जाल कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक फैला हुआ था।
गिरफ्तार आरोपियों की लिस्ट:
शुक्रवार को पकड़े गए: गणेश गिरि (नेपाल), विवेक राय (बिहार), गगन कुमार प्रजापति (मेरठ), दुर्गेश निषाद (जौनपुर) और 5 नाबालिग।
14 मार्च को पकड़े गए: सुहैल मलिक, सने इराम, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार।