Headlines
Loading...
IT फ्रेशर्स से ज्यादा कमा रही हैं 'मेड' !!! सालाना ₹4.8 लाख का पैकेज देख लोग हैं हैरान, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस...

IT फ्रेशर्स से ज्यादा कमा रही हैं 'मेड' !!! सालाना ₹4.8 लाख का पैकेज देख लोग हैं हैरान, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस...

नई दिल्ली। आजकल के दौर में डिग्री बड़ी है या हुनर? सोशल मीडिया पर छिड़ी एक नई बहस ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साक्षी नाम की एक महिला के पोस्ट ने हलचल मचा दी है, जिसमें बताया गया है कि घर की साफ-सफाई करने वाले हेल्पर्स/मेड अब कई आईटी (IT) फ्रेशर्स से ज्यादा कमा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

साक्षी ने एक्स पर लिखा कि आजकल कुछ घरेलू कामगार भी अच्छी कमाई कर रहे हैं। उन्होंने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Snabbit का उदाहरण दिया, जहां लोग घर की सफाई के लिए प्रोफेशनल बुक कर सकते हैं। 

पोस्ट के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म से जुड़े कई क्लीनिंग एक्सपर्ट करीब 40,000 रुपये महीना तक कमा रहे हैं यानी साल का पैकेज हुआ 4.8 लाख रुपये (4.8 LPA)। यह रकम कई इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को मिलने वाली शुरुआती सैलरी से भी ज्यादा है।'

बग सॉल्विंग' नहीं, 'बग क्लीनिंग' में है पैसा

पोस्ट में चुटकी लेते हुए लिखा गया, "असली पैसा कोडिंग के 'बग' (गलतियां) ठीक करने में नहीं, बल्कि घर के 'बग' (कीड़े-मकोड़े और गंदगी) साफ करने में है।" साक्षी का कहना है कि आज का भारत बदल रहा है, जहां घरेलू सहायक अब केवल नौकर नहीं बल्कि एंटरप्रेन्योर बन रहे हैं।
छोटे कारोबार भी दे रहे अच्छा मुनाफा

पोस्ट में यह भी कहा गया कि आजकल कई पारंपरिक काम और छोटे बिजनेस भी अच्छी कमाई दे रहे हैं। डॉली चायवाला का जिक्र किया गया, जिन्होंने चाय बेचकर बड़ा ब्रांड बना लिया और अब उनकी फ्रेंचाइजी लाखों रुपये में बताई जाती है। महिला का कहना था कि आज की अर्थव्यवस्था में कमाई अक्सर डिग्री या जॉब टाइटल से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि आप कितना वैल्यू क्रिएट कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ लोगों ने कहा कि यह डिमांड और सप्लाई का मामला है। उनका मानना है कि इंजीनियरों की संख्या बहुत ज्यादा है, जबकि कुछ सर्विसेज की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं कई यूजर्स ने अपने अनुभव शेयर किए। एक यूजर ने लिखा कि उनकी घर में काम करने वाली मेड चार घरों में काम करके करीब 60 हजार रुपये महीना कमा लेती है।

बदल रही है काम और कमाई की सोच
हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कॉर्पोरेट नौकरियों में लंबे समय में कमाई ज्यादा बढ़ सकती है. उनका तर्क था कि आईटी सेक्टर में अनुभव बढ़ने के साथ सैलरी तेजी से बढ़ती है, जबकि कई सर्विस जॉब्स में कमाई लंबे समय तक लगभग स्थिर रह सकती है। कई यूजर्स का मानना है कि गिग इकॉनमी और छोटे कारोबारों के बढ़ने से समाज में काम को देखने का नजरिया भी बदल रहा है. अब डिग्री से ज्यादा महत्व स्किल और बाजार की मांग को मिल रहा है।