2026 विधानसभा चुनाव: नतीजों से पहले सट्टा बाजार का बड़ा दावा, बंगाल से तमिलनाडु तक किसकी बनेगी सरकार?, जानें...
Assembly Elections 2026: देश के 5 राज्यों में चल रहा चुनावी समर अपने आखिर चरण में हैं। केरल, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और असम में वोटिंग हो चुकी है। वहीं बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के साथ ही चुनाव प्रकिया पूरी होने जा रही है। सभी प्रदेशों के नतीजे एक साथ 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं सट्टा बाजार में भी इसका खासा असर देखने को मिल रहा है। तो जानिए चुनावी महासंग्राम के नतीजे आने से पहले क्या कहता है सट्टा बाजार का गणित...
सट्टा बाजार में सरगर्मी
साल 2026 में बंगाल, तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में चुनाव अपने आखिरी चरण में हैं। सभी प्रदेशों के भाग्य के फैसले को लेकर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई है, वहीं राजनीतिक पार्टियों और सट्टा बाजार में भी हलचल मची हुई है। बता दें कि देश में चुनाव की सरगर्मी शुरु होते ही सट्टा बाजार में भी उफान उठना शुरु हो जाता है। वहीं नतीजों के आखिरी दिनों में ये उबाल शबाब पर पहुंच जाता है। साल 2026 के सबसे बड़े चुनावी संग्राम को लेकर भी ठीक कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। देश के प्रमुख सट्टा बाजारों में बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक के परिमाणों लिए अनुमान तेजी से आने ये शुरु हो गए हैं जिसने राजनीतिक पार्टियों से लेकर देश की आम जनता की धड़कनें तेज कर दी है।
बंगाल के नतीजों को लेकर बड़ा खुलासा
सूत्रों की माने तो चुनाव के नतीजे आने से पहले देश के सट्टा बाजारों में सरगर्मी बढ़ गई है. फलौदी सट्टा बाजारों की मानें तो इस बार बंगाल में दीदी की कुर्सी पर खतरे के संकेत नजर आ रहे हैं, हालांकि सट्टा बाजार में ममता की अब भी बढ़त के साथ 150 सीटें दिखाई जा रही है, लेकिन दूसरी तरफ बाजार बीजेपी को भी 120 से ऊपर सीटे दिखाया जा रहा है, जिसके चलते इन अनुमानों ने कांटे की टक्कर दिखाकर दोनों ही पार्टी के नेताओ की दिलों की धड़कन को तेज कर दिया है। बता दें कि चुनाव की घोषणा होने के बाद सट्टा बाजार ने टीएमसी को काफी मजबूत दिखाने के बाद से ही लगातार टीएमसी का ग्राफ काफी नीचे गिरा है।
तमिलनाडु में स्टालिन का जबरदस्त स्ट्राइक रेट
तमिलनाडु चुनाव में अबकी बार त्रिकोणीय मुकाबला बताया जा रहा है, हालांकि सट्टा बाजार की मानें तो पिछली बार की तरह इस बार भी एमके स्टालिन एक तरफा मुकाबला जीतते हुए नजर आ रहे हैं. वहीं एआईडीएमके की अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन संघर्ष करता हुआ नजर आ रहा है. दूसरी तरफ अभिनेता से नेता बने टीवीके प्रमुख विजय की राजनीतिक पारी की ठीक-ठाक शुरुआत होने का अनुमान लगाया जा रहा है. लेकिन सीटों के लिहाज से वह भी दहाई से कम अंकों में सिमटते हुए नजर आ रहे हैं. बता दें कि फलौदी सट्टा बाजार के गणित के अनुसार डीएमके को 145 से 150 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है, एआईडीएमके को इन्होंने 50 से साठ सीटों तक ही निपटा हुआ दिखाया है. वहीं राजनीति में डेब्यू करने वाली टीवीके को 8 से 10 सीटें दी जा रही है।
सरमा का फिर से चलेगा जादू !
असम में शुरुआत से ही सरमा सरकार कांग्रेस के मुकाबले मजबूत नजर आ रही थी. वहीं सट्टा बाजार के आंकडे़ भी इस बात की ओर ही इशारा कर रहे है. सूत्रों की मानें तो राजस्थान के मशहूर फलौदी सट्टा बाजार के आंकड़ों के अनुसार हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले बीजेपी गठबंधन को 90 से भी ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस गठबधंन के लिए सट्टा बाजार में 30 से 35 सीटों के बीच अनुमान लगाया जा रहा है, अनुमान के मुताबिक इस बार भी कांग्रेस को मजबूरन विपक्ष में बैठना पड़ेगा।
पुड्डुचेरी में कांटे की टक्कर
पुड्डडुचेरी को लेकर सट्टा बाजार की तरफ से भविष्यवाणी की जा रही है कि इस बार के चुनाव में एन रंगा स्वामी की चुनाव जीतने की राह थोड़ी मुश्किल हो सकती है. वैसे तो फलौदी सट्टा बाजार यहां पर रंगा स्वामी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को बढ़त दिखा रहा है, लेकिन इंडिया गठबंधन भी इनके अनुमान के अनुसार कोई ज्यादा पीछे नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में पुड़्डुचेरी में मुकाबला दिलचस्प रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. वहीं फिल्मी पर्दे को छोड़कर राजनीतिक मंच पर उतरे विजय कुमार अपनी पार्टी टीवीके के साथ किंग मेकर की भूमिका में नजर आ सकते हैं।
हैट्रिक से चूक सकते हैं विजयन?
केरल से बने केरलम में इस बार एलडीएफ और यूडीएफ के बीच आर-पार का मुकाबला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह बीजेपी की जड़े सबसे शिक्षित प्रदेश में मजबूत करने के लिए उतरे तो जरूर, लेकिन कुछ खास कमाल कर नहीं पाए. सट्टा बाजार के आंकड़ों के अनुसार केरलम में यूडीएफ की वापसी के अनुमान लगाए जा रहे हैं. सट्टा बाजार ने यूडीएफ को 80 से 85 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है, वहीं एलडीएफ के खाते में 60 से 65 सीटें जाने की संभावना जताई है. फलौदी सट्टा बाजार की तरफ से बीजेपी को केवल से 1 से 2 सीटों के बीच निपटा हुआ दिखाया गया है।
बहरहाल ये केवल सट्टा बाजार के अनुमान है, जो कि सूत्रों के अनुसार बताए गए हैं। हमारी तरफ से इसको लेकर किसी भी तरह का कोई दावा नहीं किया जा रहा है। चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित होंगे। जिसके बाद ही पता चलेगा कौन से प्रदेश में किस पार्टी के सिर पर जीत का सेहरा सजता है।