एक साल में 21 घरों में चिराग रोशन, परिवारों में छाई खुशियां; होम्योपैथी से दंपतियों को मिल रहा है संतान सुख...
नोएडा। संतान की चाहत पूरी न होने का कलंक झेल रहे दंपतियों के वैवाहिक जीवन में होम्योपैथी पद्दति ईश्वर के ऐसे आशीर्वाद से रूप में बनकर सामने आई, जिसने केवल एकवर्ष में 21 घरों का चिराग राेशन कर दिया। यही नहीं, दंपती की संतान इच्छा को पूरा कराने के प्रयास का यह सिलसिला नोएडा सेक्टर-24 स्थित डा. डीपी रस्तोगी केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान में चल रहा है।
प्रबंधन का दावा है कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 100 से ज्यादा दंपतियों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 21 से अधिक महिलाओं ने गर्भधारण होने पर नवजात को जन्म दिया।
शोध में की जाएगी 300 महिलाओं की स्क्रीनिंग
संस्था की वरिष्ठ चिकित्सक डा. पद्मालय रथ बताती हैं कि इनफर्टिलिटी की गंभीर समस्या से महिलाओं को निजात दिलाने के लिए शोध भी चल रहा है। तीन वर्ष तक चलने वाले इस शोध में करीब 300 महिलाओं की स्क्रीनिंग की जाएगी। यह महिलाओं की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच ही होगी।
शोध में महिलाओं को अलग-अलग समूह में बांटा जाएगा। ए-ग्रुप को एलोपैथी और बी-ग्रुप की महिलाओं को होम्योपैथी दवाइयों के साथ विभिन्न सुविधा एवं परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने अपने शोध में केवल 30 महिलाओं को ही शामिल करने की बात कही है।
दंपतियों को किया जाएगा जागरूक
विशेष बात है कि ओपीडी में 395 दंपतियों को अंदरुनी कमियां बताकर उन्हें इलाज के बारे में जागरूक किया गया। जांच में पता चला कि 42 प्रतिशत पुरुषों में दिक्कत मिली जबकि महिलाओं ने आसानी से खामियों को स्वीकार कर उसका इलाज शुरू कर दिया। राहत की बात है कि इन महिलाओं में लगातार सुधार भी हो रहा है।
इसके अलावा ओपीडी में रोजाना 1500 से 2000 मरीज पहुंचते हैं। लोगों का होम्योपैथी दवाइयों पर विश्वास बढ़ रहा है। केंद्र में ओपीडी, आइपीडी, अल्ट्रासाउंड, इमेजिंग, गर्भाशय फाइब्राएड, स्तन फाइब्रोएडीनोमा समेत 15 बीमारियों का इलाज होता है।
डॉ. डी.पी. रस्तोगी केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान में मरीजों का इलाज (वर्षवार)
वर्ष मरीजों का इलाज
अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक 1,00,500
अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 1,03,968
अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक 1,00,788
अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक 1,11,852
अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 64,605
कुल मरीजों का इलाज = 4,81,713